बांसवाड़ा में इस साल सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती पर जिला मुख्यालय पर हर साल निकाली जाने वाली वाहन रैली आयोजित नहीं की जाएगी। इसके बजाय जिले के हर गांव में लौह पुरुष को नमन किया जाएगा और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। श्री राष्ट्रीय सरदार पटेल सेना की एक महत्वपूर्ण बैठक में शुक्रवार को पंचायती राज एवं जिला परिषद चुनावों और आचार संहिता को देखते हुए ये फैसला लिया गया है। ​बैठक में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद पाटीदार मसोटिया मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस दौरान सर्व सम्मति से फैसला लिया गया कि आचार संहिता का सम्मान करते हुए कार्यक्रम का स्वरूप बदला गया है। वाहन रैली न निकालने का मतलब जयंती के महत्व को कम करना नहीं, बल्कि ग्रामीण स्तर पर जन-जागरण को मजबूती देना है। हर गांव में होंगे कार्यक्रम, प्रतिमा स्थापना का संकल्प संगठन की हर ग्राम इकाई अपने-अपने गांव में सरदार पटेल की फोटो पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करेगी। इस दौरान उनके जीवन संघर्ष, राष्ट्र समेकन और सामाजिक समरसता पर चर्चा की जाएगी। बैठक में एक और संकल्प लिया गया कि समाज को प्रेरित कर जिले के हर गाँव में सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। पदाधिकारियों ने कहा कि ये प्रतिमाएं केवल स्मारक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक बनेंगी। ​प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रकांत पाटीदार ने कहा सरदार पटेल के आदर्श किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है, वे पूरे राष्ट्र के प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि गांव-गांव में सर्व समाज को जोड़कर आपसी भाईचारा और सामाजिक एकता मजबूत की जाए। ​ये पदाधिकारी रहे मौजूद ​बैठक में जिला अध्यक्ष चंद्रकांत पाटीदार जौलाना, अनाड़िंग सिंह कोहला, गमीरचंद गलकिया, हिमांशु जौलाना, पियूष रैयना, जगदीश चौखला, दिनेश पटेल ठीकरिया, लालजी पटेल, नरेश सालिया, राकेश कुशलपुरा, जालम सिंह और डूंगर पटेल भचड़िया सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने संगठन के उद्देश्यों को गति देने और सामाजिक समरसता बनाए रखने का संकल्प लिया।