भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बारां कृषि विभाग के घूसखोर संयुक्त निदेशक आनन्दी लाल मीणा के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया है। बारां एसीबी ने आरोपी को रिटायरमेंट से 3 महीने पहले स्टॉक रजिस्टर प्रमाणित करने की एवज में 8 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। कोटा एसीबी के एडिशनल एसपी विजय स्वर्णकार ने बताया कि आरोपी आनन्दी लाल मीणा ने खाद-बीज एवं कीटनाशक विक्रेताओं से उनके स्टॉक रजिस्टर प्रमाणित करने की एवज में प्रति व्यक्ति 5 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। इस संबंध में परिवादियों ने 4 मई 2026 को एसीबी बारां में संयुक्त शिकायत दर्ज कराई थी। सत्यापन के दौरान रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई। सत्यापन के समय आरोपी ने एक परिवादी से 2 हजार की रिश्वत लीं। इसके बाद 6 मई 2026 को एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए आरोपी को एक परिवादी से 5 व दूसरे से 3 हजार रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। रिश्वत की राशि आरोपी के कार्यालय की टेबल की दराज में रखे लिफाफे से बरामद हुई। कार्रवाई के दौरान लिफाफे और आरोपी के बैग से कुल 46,500 अतिरिक्त नकदी भी मिली। इस नगदी के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एसीबी ने इसे संदिग्ध मानते हुए अपने कब्जे में ले लिया था। इस संबंध में उप अधीक्षक पुलिस अनीष अहमद ने जांच की थी। जांच में आरोपी के खिलाफ आरोप प्रमाणित हुए। आज आरोपी आनन्दी लाल मीणा के खिलाफ बारां स्थित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विशिष्ट न्यायालय में चालान पेश किया। आरोपी 6 मई 2026 से न्यायिक अभिरक्षा में है।