झुंझुनूं में बिजनेसमैन की मौत के बाद परिजनों और उनके दोस्तों ने महिंद्रा के शोरूम पर हंगामा कर दिया। 20 लाख की स्कॉर्पियो को क्रेन के सहारे 20 फीट ऊंचाई पर टांग कर प्रदर्शन किया। कार पर लाल कलर में लिखा था, मौत का सामान और 20 लाख का डिब्बा। हवा में लटकी स्कॉर्पियो के टायर फटे हुए थे, बोनट डैमेज था और कार की छत ड्राइवर साइड से बुरी तरह पिचकी हुई थी। 20 जुलाई को इसमें सवार कार रेंटल बिजनेस करने वाले तरुण नायक की मौत हो गई थी। ये SUV सड़क पर एक पोल से टकरा कर डैमेज हुई थी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि तरुण ने सीट बेल्ट भी लगाया हुआ था। इसके बावजूद एयरबैग्स नहीं खुले। उन्होंने कहा कि उन्हें मुआवजा नहीं उनका दोस्त, उनका भाई और उनका बेटा वापस चाहिए। इस SUV को बनाने वाले को अपने बच्चों को इसमें बैठा कर इसकी सेफ्टी चेक करनी चाहिए। मामला शहर के गहलोत मोटर्स के सामने का है, प्रदर्शन 12.30 बजे हुआ। अब देखिए मौके की 4 तस्वीरें… 1. इस प्रदर्शन को देखने राहगीर भी रुक गए 2. स्कॉर्पियो को क्रेन पर लटका कर शोरूम के बाहर पहुंचे 3. SUV को 20 फीट ऊंचाई पर उठाया 4. कार पर 20 लाख का डिब्बा जैसे स्लोगन लिखे थे पोल से टकरा कर बिखर गई थी स्कॉर्पियो तरुण नायक के दोस्त धीरज जाट ने बताया- तरुण नायक (21) मेरे दोस्त थे, झुंझुनूं में रेंटल गाड़ियों का बिजनेस करते थे। 20 जुलाई को वे अपने 4 साथियों के साथ सीकर से झुंझुनूं की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान झुंझुनूं के पास डूंडलोद बायपास पर उनकी स्कॉर्पियो बिजली के पोल से टकराकर पलट गई थी। उन्हें गंभीर चोटें आई थीं और नवलगढ़ जिला अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। वाहन में सवार चार अन्य लोगों को मामूली चोटें आई थी। इसके बाद हमने कई बार कंपनी से बात की। उन्होंने एयरबैग खुलने की बात को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद आज दोपहर को SUV को क्रेन पर टांग कर शोरूम के बाहर पहुंच गए। हमारे साथ तरुण की मां और उसके दो छोटे भाई भी मौजूद रहे। तरुण के पिता नहीं हैं, घर में वही इकलौता कमाने वाला था। अब परिवार पर आर्थिक संकट आ गया है। खुद इसकी सेफ्टी चेक करें जाट ने बताया- आज सुबह हम अपने दोस्तों और तरुण की मां और दोनों भाइयों के साथ स्कॉर्पियो को लेकर गहलोत मोटर्स पहुंच गए। डैमेज स्कॉर्पियो को क्रेन से हवा में लटकाकर एजेंसी के बाहर खड़ा कर दिया। तरुण ने सीट बेल्ट पहना हुआ था, लेकिन हादसे के वक्त गाड़ी का एयरबैग नहीं खुला। उन्हें कंपनी से कोई नई गाड़ी या मुआवजा नहीं चाहिए, बल्कि महिंद्रा वाले उनका दोस्त वापस लाकर दें। मैं झुंझुनूं महिंद्रा एजेंसी के मालिक और आनंद महिंद्रा से कहना चाहता हूं कि वे एक बार अपने बेटे को इस गाड़ी में बैठाएं और एक्सीडेंट कराकर देखें कि यह कितनी सेफ है। कार पर लिखा- 20 लाख का डिब्बा प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो एजेंसी पर स्थायी ताला लटका दिया जाएगा। जो भी बात करनी होगी, जिम्मेदार अधिकारियों को बाहर आकर भीड़ के सामने करनी होगी। प्रदर्शनकारी क्रेन पर डैमेज स्कॉर्पियो को लेकर शोरूम के बाहर पहुंच गए। SUV पर लिखा था- डेंजर, मौत का सामान, खतरा, 20 लाख का डब्बा। इसके बाद महिंद्रा के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। ऐसे में, इस प्रदर्शन को देखने राहगीर भी रुक गए। मैनेजर बोले- एयरबैग खुलने के कुछ तकनीकी कारण होते हैं ​इस पूरे मामले पर गहलोत मोटर्स झुंझुनूं के मैनेजर रवि शर्मा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा- लड़के की मौत का हमें गहरा दुख है। यह गाड़ी मार्च के अंत में बीकानेर मोटर्स, चूरू से खरीदी गई थी। इसके एयरबैग खुलने के कुछ तकनीकी कारण होते हैं। हर तरह की टक्कर से एयरबैग नहीं खुलते हैं। इस गाड़ी का एक्सीडेंट कैसे हुआ, इसकी पूरी तकनीकी जांच करनी होगी। हमारी सीनियर मैनेजमेंट से लगातार बातचीत चल रही है। हम पूरी कोशिश करेंगे कि बीमा कंपनी से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा मिले और महिंद्रा कंपनी की ओर से जो भी संभव मदद होगी, वह की जाएगी। पढ़ें ये खबर भी… ट्रक का टायर फटने से मर्सिडीज का एयरबैग खुला:कंपनी बोली-एयरशॉक के कारण खुला; जोधपुर में कोर्ट ने लगाया लाखों का जुर्माना हाईवे पर चल रही 99 लाख की मर्सिडीज बेंज के अचानक एयरबैग खुल गए। हैंडीक्राफ्ट व्यापारी ने इसकी शिकायत कंपनी और डीलर से की तो उन्होंने कार ठीक करने का आश्वासन दिया। पढ़ें पूरी खबर…