बारां पुलिस ने ऑनलाइन ट्रक बेचने का झांसा देकर लाखों की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी करीब दो साल से फरार था और उस पर 2 हजार रुपए का इनाम घोषित था। आरोपी देश के कई राज्यों में फर्जी कंपनियों के जरिए लोगों को निशाना बना रहा था। एसपी अभिषेक अंदासु ने बताया कि इस मामले का खुलासा मंदसौर मध्यप्रदेश निवासी पिंटू राठौर की शिकायत के बाद हुआ। पिंटू ने 17 मई 2023 को साइबर थाना बारां में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि फेसबुक पर ट्रक दिखाकर उससे पहले 21 हजार 240 रुपए टोकन मनी ली गई, फिर बीमा, फिटनेस और अन्य कागजात पूरे कराने के नाम पर करीब 4 लाख रुपए और जमा करवा लिए गए। आरोपियों ने बैंक नीलामी के ट्रक दिलाने का झांसा दिया था। इस ठगी में वैष्णव इन्फ्राटेक और बिड्स बाजार जैसी फर्जी कंपनियों के नाम सामने आए। इनके संचालक चंद्रमोहन वैष्णव, प्रेमनारायण वैष्णव, जगदीश बैरागी और सुरेश वैष्णव सहित अन्य लोग मिलकर गिरोह बनाकर ठगी कर रहे थे। साइबर थाना बारां में धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, आपराधिक साजिश और आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी के निर्देशन में साइबर थाना प्रभारी आशा कुंवर सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। टीम ने बैंक खातों और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर आरोपियों की पहचान की। जांच में पता चला कि यह गिरोह फर्जी कंपनियों के माध्यम से राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, हरियाणा और गुजरात सहित कई राज्यों में ट्रक बेचने के नाम पर ठगी कर रहा था। इस प्रकरण में पहले ही जगदीश बैरागी, अनिल बैरागी और चंद्रमोहन वैष्णव को गिरफ्तार किया जा चुका था। हालांकि, सुरेश बैरागी निवासी केलवाड़ा बारां लंबे समय से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी नहीं होने पर उस पर 2 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। हाल ही में साइबर अभियान के दौरान पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। ऐसे करते थे ठगी आरोपी www.bidsbazar.com और trucks24.com सहित कई फर्जी कंपनियों के नाम से वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म चलाते थे। इनके जरिए सेकंड हैंड कमर्शियल वाहन बेचने का लालच दिया जाता था। ग्राहकों से पहले टोकन मनी और फिर एडवांस राशि ऑनलाइन खातों में जमा करवाई जाती थी। इसके बाद आरोपी संपर्क तोड़ देते थे। जांच में सामने आया कि गिरोह ने देशभर में कई लोगों से इसी तरीके से ठगी की। पुलिस टीम की अहम भूमिका कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी आशा कुंवर सिंह सहित राजकांता मीणा, सुकेन्द्र सिंह, दिग्विजय सिंह, मोहनलाल, लक्ष्मण चौधरी, दिलीप यादव, लोकेश, हुकम सिंह, अशोक परिहार, रानी सहरिया, रामप्रसाद सहरिया और मांगीलाल की विशेष भूमिका रही।