बारां में अमृत 2.0 पेयजल परियोजना 2 साल की अदालती अड़चनों के बाद फिर से शुरू हो गई है। कोर्ट से प्रक्रिया पूरी होने के बाद जलदाय विभाग ने बारां और छबड़ा के लिए नए सिरे से टेंडर जारी किए हैं। बारां शहर में 21.71 करोड़ रुपए की लागत से 33 किलोमीटर लंबी नई पेयजल पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस परियोजना से नई विकसित कॉलोनियों और अब तक पाइपलाइन से वंचित बस्तियों को पहली बार नियमित जलापूर्ति मिल सकेगी। विभाग का लक्ष्य है कि मानसून के बाद काम शुरू कर इसे वर्ष 2027 तक पूरा कर लिया जाए। 2 साल पहले जारी हुए थे टेंडर जानकारी के अनुसार अमृत 2.0 के टेंडर करीब 2 साल पहले जारी हुए थे। हालांकि, ठेकेदार कंपनी के खिलाफ शिकायत मिलने पर जलदाय विभाग ने उसे प्रतिबंधित कर दिया था। इसके विरोध में कंपनी कोर्ट पहुंच गई, जिससे पूरी परियोजना लंबे समय तक अटकी रही। लगभग 3 महीने पहले कोर्ट में सुनवाई पूरी होने के बाद अब विभाग ने दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। दो साल की देरी के कारण परियोजना की लागत बढ़ने की भी संभावना जताई जा रही है। 4 हजार नल कलेक्शन होंगे जारी अमृत 2.0 के तहत शहर में लगभग 33 किलोमीटर नई पेयजल लाइन डाली जाएगी। इसमें अमृत 1.0 के बाद विकसित हुई कॉलोनियों और उन बस्तियों को शामिल किया गया है, जहां अब तक पाइपलाइन नहीं पहुंची है। इन क्षेत्रों को मजरावता इंटेकवेल से जोड़ा जाएगा। साथ ही 3 नई ओवरहेड टंकियों का निर्माण कर उन्हें अटरू रोड स्थित पंप हाउस से जोड़ा जाएगा। परियोजना पूरी होने पर लगभग 4 हजार नए घरेलू जल कनेक्शन जारी किए जाएंगे। छबड़ा में बदली जाएगी पुरानी पाइपलाइन बारां के साथ ही छबड़ा कस्बे के लिए भी 10.52 करोड़ रुपए के टेंडर जारी किए गए हैं। यहां पुरानी पाइपलाइन बदली जाएगी, नई लाइनें बिछेंगी, नई टंकियों का निर्माण होगा और पेयजल आपूर्ति को मजबूत बनाने के लिए एक नया पंप हाउस बनाया जाएगा। विभाग के अनुसार, अटरू, अंता और मांगरोल के टेंडर पहले ही जारी किए जा चुके हैं। 74 करोड़ खर्च के बाद भी कई बस्तियां आज भी प्यासी शहर में पहले चरण की पेयजल योजनाओं पर करीब 74 करोड़ रुपए खर्च होने के बावजूद कई इलाकों में लोगों को पर्याप्त और स्वच्छ पानी नहीं मिल पा रहा है। कई स्थानों पर पाइपलाइनें नालों से होकर गुजर रही हैं, जिससे दूषित पानी की शिकायतें सामने आती रही हैं। वहीं शहर के टेल एंड क्षेत्रों तक आज भी नियमित जलापूर्ति नहीं पहुंचती, जिसके कारण लोग निजी नलकूपों और वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर रहने को मजबूर हैं। ऐसे में अमृत 2.0 से शहर की पेयजल व्यवस्था में सुधार की उम्मीद बढ़ गई है। मानसून के बाद शुरू होगा काम एसई आलोक गुप्ता ने बताया कि अमृत 2.0 के तहत बारां में 21 करोड़ 71 लाख 14 हजार रुपए तथा छबड़ा में 10 करोड़ 52 लाख 32 हजार रुपए के कार्यों के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। पूर्व में मामला न्यायालय में होने से परियोजना रुकी हुई थी। अब मानसून के बाद दोनों स्थानों पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।