बारां में जिला एवं सेशन न्यायाधीश एस.एन. टेलर ने कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ सुरक्षा का भी अधिकार है। उन्होंने मंगलवार को एक निजी स्कूल में विधिक जागरूकता शिविर में यह बात कही। उन्होंने बताया कि किसी व्यक्ति की लापरवाही से स्कूल में बच्चे को चोट लगती है, तो किशोर न्याय अधिनियम की धारा-75 के तहत सजा और जुर्माना हो सकता है। यह कार्यक्रम 'ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे' के तहत हुआ। बच्चों के सवालों के दिए जवाब न्यायाधीश टेलर ने आरटीई अधिनियम 2009 के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बच्चों को प्रवेश, मुफ्त शिक्षा, सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर और योग्य शिक्षकों का अधिकार है। दिव्यांग बच्चों से भेदभाव नहीं होना चाहिए। शिविर में बच्चों ने शौचालय, पीने का पानी, शिक्षक अनुपात और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े सवालों के जवाब दिए। जिला शिक्षा अधिकारी सीताराम गोयल ने भी संबोधित किया। प्रधानाध्यापक विनोद विजयवर्गीय और स्टाफ ने धन्यवाद दिया।