बारां के मांगरोल क्षेत्र की गणेशगंज लिफ्ट सिंचाई परियोजना से किसानों को 28 अक्टूबर से सिंचाई के लिए पानी मिलना शुरू होगा। जल संसाधन विभाग ने रबी फसल के लिए पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयारियां तेज कर दी हैं। परियोजना पर लगे पंप, मोटर और अन्य मशीनों की जांच की जा रही है, ताकि पानी छोड़ने के दौरान तकनीकी समस्या नहीं आए और किसानों को समय पर पर्याप्त पानी मिल सके। 26 गांवों के किसानों को मिलेगा लाभ गणेशगंज लिफ्ट सिंचाई परियोजना से बारां और कोटा जिले के कुल 26 गांवों में सिंचाई होती है। इनमें बारां जिले की मांगरोल तहसील के 17 और कोटा जिले की पीपल्दा तहसील के 9 गांव शामिल हैं। परियोजना के माध्यम से करीब 6,960 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे रबी फसल की बुवाई और सिंचाई के लिए किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। चंबल नदी से मिलता है पानी परियोजना का मुख्य जल स्रोत चंबल नदी है। इसे चंबल दांयी मुख्य नहर से पानी मिलता है। जिन क्षेत्रों में प्राकृतिक ढलान नहीं होने के कारण पानी खेतों तक नहीं पहुंच पाता, वहां बड़े पंपों की मदद से पानी को ऊंचाई तक उठाकर सिंचाई के लिए पहुंचाया जाता है। पंप-मोटरों की जांच में जुटा विभाग जल संसाधन विभाग पानी की आपूर्ति शुरू करने से पहले पूरे सिस्टम की जांच कर रहा है। पंप, मोटर और मशीनों की कार्यक्षमता परखने के साथ व्यवस्था को सुचारु बनाने की तैयारी की जा रही है। विभाग का लक्ष्य है कि 28 अक्टूबर से पानी छोड़ने के बाद किसानों को रबी फसल के लिए समय पर पर्याप्त पानी मिल सके और सिंचाई व्यवस्था में बाधा नहीं आए।