बारां पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। 'ऑपरेशन वज्र प्रहार' के तहत ड्रग माफिया विशाल सांसी, उसके पिता बलवीर उर्फ बल्लू सांसी और उनके सहयोगियों की करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपए की अवैध चल-अचल संपत्तियों को स्थायी रूप से फ्रीज कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद आरोपी अब इन संपत्तियों का उपयोग, विक्रय या हस्तांतरण नहीं कर सकेंगे। यह कदम एनडीपीएस एक्ट की धारा 68F के तहत उठाया गया है, जिसका उद्देश्य तस्करों के आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करना है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक अदासु ने बताया कि जिले में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जा रही है। इस अभियान के तहत न केवल तस्करों को गिरफ्तार किया जा रहा है, बल्कि उनकी अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों पर भी सीधा प्रहार किया जा रहा है। इसी रणनीति के तहत एमओबी शाखा द्वारा तस्करों की संपत्तियों का गोपनीय डेटाबेस तैयार किया गया। यह जानकारी थाना छबड़ा पुलिस के साथ साझा की गई, जिसके बाद थाना छबड़ा पुलिस ने चरणबद्ध तरीके से जांच शुरू की और आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड तथा संपत्तियों का चिन्हीकरण किया। जांच में सामने आया कि विशाल सांसी और उसके पिता के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के कुल 7 मामले दर्ज हैं, जिनमें एक मामला वाणिज्यिक मात्रा का भी है। इन मामलों में पहले 24 किलो 308 ग्राम गांजा बरामद किया जा चुका है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 48 लाख 61 हजार 600 रुपए आंकी गई थी। साथ ही, तीन मोटरसाइकिलें भी जब्त की गई थीं। आर्थिक अनुसंधान में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों की वैध आय का कोई ठोस स्रोत नहीं है। इसके बावजूद, उनके बैंक खातों में पिछले एक वर्ष में करीब 30 लाख रुपए के लेन-देन दर्ज पाए गए। इससे स्पष्ट हुआ कि उन्होंने मादक पदार्थ तस्करी से अर्जित काली कमाई को चल-अचल संपत्तियों में निवेश किया है। इन तथ्यों के आधार पर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 68F के तहत मामला तैयार कर सक्षम प्राधिकारी, नई दिल्ली के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसके बाद संपत्तियों को स्थायी रूप से फ्रीज करने का आदेश जारी किया गया। करीब दो माह तक चली सुनवाई के बाद सक्षम प्राधिकारी (FOAP) एनडीपीएस एक्ट, नई दिल्ली द्वारा 25 मार्च 2026 को आदेश जारी करते हुए इन संपत्तियों को फ्रीज किए जाने की कार्रवाई को वैध माना। इसके बाद जिला कलेक्टर बारां के निर्देश पर 27 अप्रैल 2026 को नगरपालिका छबड़ा और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई पूरी की।
फ्रीज की गई संपत्तियों में एक जमीन, मकान, एक कार, एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटी शामिल है, जिनकी कुल अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपए आंकी गई है। इस कार्रवाई के बाद आरोपी इन संपत्तियों का न तो उपयोग कर सकेंगे और न ही इन्हें बेच या किसी के नाम स्थानांतरित कर पाएंगे। पुलिस का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से मादक पदार्थ तस्करों की आर्थिक जड़ें कमजोर होंगी और समाज में यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियां स्थायी नहीं होतीं और कानून की पकड़ से बचना संभव नहीं है। पुलिस अधीक्षक ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और तस्करों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाते रहेंगे। इस पूरी कार्रवाई में थाना छबड़ा के थानाधिकारी राजेश कुमार खटाना के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और जांच से लेकर फ्रीजिंग तक की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।