बारां के प्रताप चौक में महावीर कला मण्डल संस्थान की रामलीला में गुरुवार रात सीता हरण प्रसंग का मंचन हुआ। जिस देख दर्शक भावुक हुए। संस्थान संयोजक श्याम सुंदर बंसल के अनुसार पंचवटी प्रसंग में सूर्पणखा ने राम को रिझाने का प्रयास किया और लक्ष्मण ने उसके नाक-कान काट दिए। क्रोधित सूर्पणखा ने भाई खर-दूषण को बुलाया, जिन्होंने चौदह हजार सैनिकों संग राम-लक्ष्मण पर हमला किया। राम ने उनका वध किया। सूर्पणखा ने रावण को घटना बताई। रावण ने मामा मारीच को स्वर्ण मृग बनने को कहा। सीता की जिद पर राम मृग के पीछे गए। इसी दौरान रावण साधु वेश में पंचवटी पहुंचा और छल से सीता का हरण कर लिया। रास्ते में जटायु ने रावण को रोकने की कोशिश की, पर वह घायल हो गए। सीता को न पाकर राम व्याकुल होकर भटकने लगे। घायल जटायु ने उन्हें घटना बताई, राम ने उन्हें मोक्ष दिया। संस्थान अध्यक्ष योगेश गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार को रामलीला में सेतुबंध रामेश्वरम, विभीषण शरणागति और अंगद-रावण संवाद का विशेष मंचन होगा।