बारां जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने ट्रैक्टर का रजिस्ट्रेशन गलत व्यक्ति के नाम दर्ज करने और शिकायत के बाद भी सुधार नहीं करने पर परिवहन विभाग को सेवा में कमी का दोषी ठहराया है। आयोग ने विभाग को वाहन का नियमानुसार नवीनीकरण करने के साथ परिवादी मुरलीधर मालव को 8 हजार रुपए (5 हजार मानसिक क्षति और 3 हजार परिवाद व्यय) देने का आदेश दिया है। ट्रैक्टर खरीदने के बाद शुरू हुई परेशानी आदर्श नगर, कोटा रोड निवासी मुरलीधर मालव ने बताया कि उन्होंने बूंदी निवासी एक व्यक्ति से ट्रैक्टर खरीदा था। पुराने रजिस्ट्रेशन की अवधि समाप्त होने के बाद उन्होंने वाहन के नवीनीकरण के लिए आवेदन किया। इस दौरान परिवहन विभाग ने ऑनलाइन प्रक्रिया का हवाला देकर उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर लगवाए। गलत व्यक्ति के नाम दर्ज कर दिया रजिस्ट्रेशन परिवादी के अनुसार, लगातार प्रयासों के बावजूद विभाग ने ट्रैक्टर का रजिस्ट्रेशन उनके नाम करने के बजाय किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज कर दिया। इस त्रुटि को सुधारने के लिए उन्होंने लिखित आवेदन भी दिया, लेकिन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ी। आयोग ने माना सेवा में कमी इसके बाद मुरलीधर मालव ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में परिवाद दायर किया। सुनवाई के दौरान आयोग ने रिकॉर्ड का परीक्षण कर पाया कि परिवहन विभाग ने ट्रैक्टर का रजिस्ट्रेशन गलत तरीके से किया था, जो सेवा में स्पष्ट कमी है। नवीनीकरण और मुआवजे का आदेश आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार और सदस्य अनिल शर्मा ने अपने आदेश में कहा कि यदि वाहन की वैधता अवधि शेष है और परिवादी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करता है, तो विभाग नियमानुसार वाहन का नवीनीकरण करे। साथ ही विभाग को 5 हजार रुपए मानसिक क्षति और 3 हजार रुपए परिवाद व्यय के रूप में अदा करने के निर्देश दिए। आयोग के रीडर योगेश कुमार ने निर्णय की जानकारी दी।