बाड़मेर जिले की 9 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया हैं। वहीं कलेक्टर ने पहले फेज में 10 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में चारा डिपो खोलने की प्रशासनिक स्वीकृ़ति जारी की है। नोखड़ा और बाटाडू तहसील की ग्राउंड टूथिंग पूरी करने के साथ राजस्थान सरकार को प्रस्ताव भेज दिए है। दरअसल, आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग ने 24 अक्टूबर को अधिसूचना जारी की है। खरीफ फसल वर्ष 2026 (संवत 2083) में बारिश में कमी, सतही एवं भू जल उपलब्धता में कमी और फसलों की कमजोर स्थिति को ध्यान में रखकर बाड़मेर जिले की 9 तहसीलों गडरारोड, चौहटन, बाड़मेर, बायतू, सेड़वा, रामसर, शिव, धनाऊ और बाड़मेर (ग्रामीण) को गंभीर सूखाग्रस्त घोषित किया गया है। प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजे जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने बताया- तहसील नोखड़ा और बाटाडू में ग्राउंड ट्रूथिंग का कार्य पूर्ण कर प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिए गए हैं। राज्य सरकार द्वारा शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार से चारा डिपो, पशु शिविर और पेयजल परिवहन की स्वीकृति प्राप्त हुई हैं। अभावग्रस्त क्षेत्रों में पशुधन के संरक्षण तथा लघु एवं सीमांत कृषकों को रियायती दर पर पशु चारा उपलब्ध करवाने के लिए जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने बताया कि प्रथम चरण में तहसील शिव, रामसर और गडरारोड की चयनित 10 ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से चारा डिपो संचालित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि चारा डिपो खोलने से अभावग्रस्त क्षेत्रों में पशुपालकों को पशु चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ पशुधन के संरक्षण में सहायता मिलेगी। 10 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में चारा डिपो खोलने की स्वीकृति आपदा प्रबंधन सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग जयपुर के निर्देशानुसार जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल ने प्रथम चरण में बाड़मेर जिले की तीन तहसील की 10 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में चारा डिपो खोलने की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की है। इन डिपो के माध्यम से अभाव अवधि के दौरान पात्र पशुपालकों को अनुदानित दर पर चारा उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके तहत शिव तहसील की स्वामी का गांव, गूंगा, हड़वा, बिसू कला एवं उंडू, रामसर तहसील की देरासर, भाचभर और बबुगुलेरिया और गडरारोड तहसील की जैसिंधर गांव व गडरारोड ग्राम सेवा सहकारी समितियों में चारा डिपो खोले जाएंगे। चारे का वितरण पशुपालकों को बिना लाभ-हानि के आधार पर किया जाएगा। जिला कलेक्टर ने संबंधित ग्राम सेवा सहकारी समितियों एवं अधिकारियों को चारा डिपो संचालन, चारा वितरण, परिवहन अनुदान, सत्यापन और अभिलेख संधारण से जुड़े सभी नियमों एवं दिशा-निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।