बाड़मेर में नॉमिनेशन खारिज होने के बावजूद उम्मीदवार के सरपंच का चुनाव लड़ने और जीतने का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक-जिले की गडरारोड समिति में 23 अक्टूबर को सरपंच पद के लिए नामांकन प्रक्रिया हुई थी। गडरारोड ग्राम पंचायत में 21 नामांकन पत्र दाखिल हुए थे। इनमें से 2 को खारिज कर दिया गया था। 9 उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिए थे। इस तरह मैदान में 10 उम्मीदवार थे। जिसका पर्चा खारिज, वही बना सरपंच बताया जा रहा है कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवार पूराराम पुत्र दयाराम और कपिल पुत्र मोहनलाल का पर्चा खारिज हुआ था। खारिज आवेदकों की सूची भी बाहर चस्पा कर दी गई थी। इसमें पूराराम का पर्चा खारिज करने के पीछे वजह लिखी थी- परिशिष्ट 6डी/उपबंध 18 में उल्लिखित जानकारी अपूर्ण है। इसके बावजूद पूराराम ने चुनाव लड़ा और जीतकर सरपंच भी बन गए। अब आवेदकों की सूचि और खारिज पर्चा सोशल मीडिया पर शेयर है। एसडीएम सुरेश कुमार ने मामले पर कहा कि रिटर्निग ऑफिसर से जानकारी जुटा रहे हैं। कलेक्टर चिन्मयी गोपाल बोलीं- मामला संज्ञान में आया है। जांच करवाई जा रही है। नामांकन को माना सही पर्चा खारिज होने के बावजूद सरपंच उम्मीदवार पूराराम के नामांकन को सही मान लिया गया। वोटिंग में पूराराम को 1786 वोट मिले। उनके प्रतिद्वदी को 1599 वोट मिले। पूराराम 187 वोट से जीत गए।