बाड़मेर में सरकारी स्कूल की छुट्‌टी होते ही बच्चों पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। अफरा-तफरी मच गई। बच्चे मदद को चिल्लाने लगे। आरोप है कि हेडमास्टर और टीचर्स ने मदद करने के बजाए स्कूल से बाहर भाग जाने को कहा। गांव वालों ने बच्चों को हॉस्पिटल पहुंचाया। घटना जिले के चौहटन उपखंड के हायर सेकेंडरी स्कूल सेवरों का तला नेतराड़ में मंगलवार शाम 4.30 बजे हुई। मधुमक्खियों के हमले में 15 से 20 बच्चे घायल हुए। इनमें से 6 का इलाज चौहटन हॉस्पिटल में जारी है। स्कूल की छुट्‌टी होते ही मची चीख-पुकार जानकारी के मुताबिक स्कूल की छुट्‌टी होते ही बच्चे बाहर निकले थे। इस दौरान मधुमक्खियों ने बच्चों पर हमला कर दिया। बच्चे चिल्लाने लगे। आरोप है कि चीख-पुकार सुनकर भी टीचर या हेडमास्टर बचाने के लिए आगे नहीं आए। आसपास के लोग भाग कर पहुंचे और बच्चों को बचाया। 15-20 बच्चों को मधुमक्खियों ने काट लिया। गांव वालों ने एंबुलेंस को सूचना दी। परिजन और गांव के लोग एंबुलेंस और प्राइवेट साधनों से बच्चों को लेकर हॉस्पिटल रवाना हुए। आरोप है कि बच्चों को हॉस्पिटल ले जाने के दौरान भी स्कूल का कोई स्टॉफ साथ नहीं आया। बच्चे बोले-टीचर ने कहा बाहर जाओ घायल बच्चों ने बताया- जब हमारे ऊपर मधुमक्खियों ने हमला किया तो हम स्कूल में सुरक्षित स्थान की तरफ भागे। लेकिन टीचर्स ने कहा कि स्कूल से बाहर जाओ। एक भी टीचर हमें लेकर हॉस्पिटल नहीं आया। घटना के वक्त स्कूल में 4 टीचर थे। मधुमक्खियों के हमले में विशाखा (10), प्रियंका (10), पवनी (12), मनीषा (13), दीपिका (13), दुर्गा (13), महेश (13) और भावना (13) घायल हुए। हेड मास्टर ने बंद किया फोन एसडीएम अनिल कुमार जैन ने बताया- बच्चों को हॉस्पिटल ले जा रही एंबुलेंस रास्ते में खराब हो गई। ग्रामीणों ने प्राइवेट वाहनों से उन्हें पहुंचाया। कुछ बच्चे ठीक हो गए हैं। वे गांव वापस चले गए। 6 बच्चे एडमिट हैं। इनका इलाज चल रहा है। एचएम के रूप में कार्यरत टीचर बजरंग सेवर ने घटना के बाद फोन बंद कर दिया। इसे लेकर उच्च अधिकारियों को सूचना दी है। ये लापरवाही का मामला है। उनके खिलाफ बड़ा एक्शन लिया जाएगा। बच्चों की स्थिति में सुधार है।