ब्यावर में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर महिला अधिकारिता विभाग की ओर से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत ‘नारी चौपाल-सशक्त बालिका, सुरक्षित समाज’ सप्ताह मनाया गया। इस दौरान जिले में जागरूकता रैलियां निकालने के साथ बालिकाओं के लिए तनाव प्रबंधन कार्यशालाएं, बाल विवाह रोकथाम पर कानूनी जागरूकता कार्यक्रम, उद्यमिता प्रशिक्षण और महिला चैंपियंस के संवाद सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रमों के माध्यम से बालिकाओं को मानसिक तनाव से निपटने, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, शिक्षा को प्राथमिकता देने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही महिलाओं एवं बालिकाओं को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर सशक्त और सुरक्षित समाज के निर्माण का संदेश दिया गया। तनाव प्रबंधन कार्यशालाओं में बताए मानसिक स्वास्थ्य के उपाय पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र की ओर से राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, गोविंदपुरा और नरसिंहपुरा, ब्यावर में तनाव प्रबंधन कार्यशालाएं आयोजित की गईं। इनमें विद्यार्थियों को मानसिक तनाव से निपटने के तरीके बताए गए और जीवन की चुनौतियों का सकारात्मक ढंग से सामना करने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान माय भारत पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। बाल विवाह रोकथाम के लिए कानून की जानकारी दी राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय, ब्यावर में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें बाल विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधानों, इसकी रोकथाम और सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में शामिल लोगों को बाल विवाह मुक्त भारत के निर्माण में सहयोग करने की शपथ भी दिलाई गई। महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यम स्थापना के लिए किया प्रेरित राजकीय आईटीआई कॉलेज, गणेशपुरा, ब्यावर में नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें महिलाओं एवं बालिकाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना, जिला उद्योग केंद्र तथा राजीविका के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को स्वरोजगार शुरू करने, उद्यम स्थापित करने, कौशल विकास और आजीविका संवर्धन के अवसरों से जुड़ने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया गया। महिला चैंपियंस के संवाद से मिला आगे बढ़ने का संदेश पीएमश्री राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, छावनी में महिला चैंपियंस के साथ संवाद सत्र एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अनुकृति उज्जैनिया और राजकीय बालिका महाविद्यालय की प्रिंसिपल रेखा मंडावरिया ने बालिकाओं से संवाद किया। उन्होंने शिक्षा को प्राथमिकता देने, अपनी क्षमताओं को पहचानने और आत्मविश्वास के साथ लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही जीवन की चुनौतियों का साहस और समझदारी से सामना करने तथा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहकर सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता को महत्व देने का संदेश दिया। शिक्षा सेतु और लाडो प्रोत्साहन योजना की दी जानकारी राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, शाहपुरा मोहल्ला, ब्यावर में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में महिला अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक जगदीश चौधरी ने बालिकाओं को शिक्षा सेतु योजना, लाडो प्रोत्साहन योजना सहित महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने शिक्षा, सुरक्षा और समान अवसरों के माध्यम से बालिकाओं को सशक्त बनाने के लिए संचालित गतिविधियों के महत्व पर प्रकाश डाला। शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता से सशक्त समाज की पहल ‘नारी चौपाल-सशक्त बालिका, सुरक्षित समाज’ सप्ताह के तहत आयोजित गतिविधियों का उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, कानूनी जागरूकता, आत्मविश्वास और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना रहा। अभियान के माध्यम से बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने, बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम के लिए जन-जागरूकता बढ़ाने और महिलाओं एवं बालिकाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया गया। विभाग की इस पहल के जरिए शिक्षित, आत्मनिर्भर और सुरक्षित बालिकाओं के माध्यम से सशक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया गया।