भरतपुर की पथैना ग्राम पंचायत की सरपंच स्नेहलता को पदमुक्त कर दिया गया है। 23 जून को जिला परिषद की टीम पथैना ग्राम पंचायत पर औचक निरीक्षण के लिए गई थी। टीम ने जब ग्राम पंचायत का रिकॉर्ड जब्त करना चाह तो, इसका सरपंच पति ब्रजेश सिंह और ग्रामीणों ने विरोध किया था। जिसको लेकर पंचायती राज विभाग ने यह कार्रवाई की है। सरपंच को किया गया पदमुक्त अतिरिक्त आयुक्त एवं शासन उप सचिव त्रिलोक चंद मीणा ने आदेश जारी करते हुए बताया कि ग्राम पंचायत पथैना की सरपंच स्नेहलता ने ग्राम पंचायत के राजकीय कार्यों का संपादन नहीं किया। साथ ही अपने पद का दुरुपयोग किया है। जिसको लेकर राज्य सरकार स्नेहलता को सरपंच के पद से पदमुक्त करती है। रिकॉर्ड जब्ती को लेकर सरपंच पति ने किया था विरोध दरअसल 23 जून को जिला परिषद की एक टीम पंचायत कार्यालय पर औचक निरीक्षण के लिए पहुंची थी। टीम ने जब पंचायत कार्यालय का रिकॉर्ड जब्त करना चाह तो, इसका सरपंच के पति ब्रजेश सिंह और ग्रामीणों ने विरोध किया। काफी देर चले हंगामे के बाद रिकॉर्ड को जब्त किया गया। हनुमान बेनीवाल की सभा सफल होने पर कार्रवाई करने का आरोप वहीं सरपंच पति ब्रजेश ने आरोप लगाया था कि 22 जून जाट आरक्षण को लेकर एक हुंकार सभा का आयोजन किया गया था। जिसमें नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल पहुंचे थे। नेता और प्रशासन के अधिकारी चाहते थे कि सांसद हुंकार सभा में भाग नहीं लें। उसके बाद भी हुंकार सभा पूरी तरह से सफल रही। जिसको लेकर प्रशासन ने यह बदला लिया है। क्योंकि सरपंच पति ब्रजेश RLP पार्टी से कार्यकर्ता हैं।