भरतपुर के जनाना हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद प्रसूता ही हालत बिगड़ गई। ज्यादा खून बहने के कारण गंभीर हालत में उसे आरबीएम हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां आईसीयू में शनिवार की सुबह उसकी मौत हो गई। इससे नाराज परिजनों ने हॉस्पिटल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। फिलहाल आरबीएम हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। दरअसल, गुरुवार को ऑपरेशन के जरिए दूसरे बेटे को जन्म देने वाली हरबति (30) की बच्चेदानी निकाल दी गई थी, जिसके बाद उसके शरीर में खून की कमी हुई और सांस लेने में तकलीफ होने लगी। इस दौरान डिलीवरी के दूसरे दिन महिला की मौत हो गई। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि नवजात की नाल फंसी हुई थी, जिसके बारे में परिजनों को पहले ही बताया जा चुका था। 8 से 10 सदस्यों की टीम ने ऑपरेशन किया था, महिला ठीक थी, लेकिन अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और शनिवार को आरबीएम हॉस्पिटल में उसकी मौत हो गई। नवजात शिशु पूरी तरह स्वस्थ है। जानकारी के अनुसार, हलैना थाना क्षेत्र के मुड़िया साद निवासी हीरा सिंह ने अपनी पत्नी हरबति को 29 अक्टूबर को प्रसव के लिए जनाना हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। हरबति ने सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए बेटे को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद डॉक्टरों ने महिला के शरीर में खून की कमी बताई और उसे 3 यूनिट ब्लड चढ़ाया गया। आईसीयू में बिगड़ी हालत मृतका के पति हीरा सिंह ने बताया कि शुक्रवार शाम जनाना हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने हरबति की तबीयत बिगड़ने की बात कहकर उसे आरबीएम अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसे आईसीयू में भर्ती किया गया। शनिवार सुबह जब परिजन उससे मिलने अंदर गए तो हरबति का शरीर बिल्कुल ठंडा पड़ा था। परिजनों के कहने पर डॉक्टरों ने जांच की, जिसके बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। सर्जन बोले- परिजनों को रिस्क के बारे में बता दिया था जनाना हॉस्पिटल के गायनी सर्जन नवीन कुमार ने बताया- गुरुवार को हरबति का ऑपरेशन किया गया था। यह हरबति का तीसरा ऑपरेशन था। बच्चेदानी में नाल फंसी हुई होने की सूचना महिला के परिजनों को दी गई थी। बताया था कि ऑपरेशन के बाद रिस्क है और बच्चेदानी निकाली जा सकती है। महिला की जान भी जा सकती है। इसके बाद परिजनों की सहमति के बाद ही ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन 8 से 10 लोगों की टीम ने किया। महिला के परिजनों को बताकर बच्चेदानी निकाल दी गई। गुरुवार से शुक्रवार शाम तक मरीज ठीक रहा, फिर उसे सांस लेने में तकलीफ हुई। इसके बाद उसे आरबीएम हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया था। 2016 में हुई थी शादी पुलिस ने बताया कि हरबति और हीरा सिंह की शादी साल 2016 में हुई थी। यह उनका दूसरा बेटा है। महिला की मौत से परिवार में मातम छा गया है। पति हीरा सिंह का कहना है कि समय पर उचित देखभाल न मिलने और लापरवाही के कारण हरबति की जान गई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच व दोषियों पर कार्रवाई की मांग की हैं। हीरा सिंह मजदूरी करते हैं।