भीलवाड़ा में हनुमान जयंती के पावन अवसर पर हजारों की संख्या में हनुमान चालीसा और श्रीरामचरितमानस ग्रंथों का वितरण किया जाएगा। यह हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर द्वारा भीलवाड़ा शहर सहित जनजाति क्षेत्र जिला प्रतापगढ़, उदयपुर, सलूम्बर, बांरा में कार्यकर्ताओं की मदद से किया जाएगा। महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन ने बताया कि 2 अप्रैल को हनुमान जयंती के मौके पर आश्रम द्वारा 52 हजार 100 हनुमान चालीसा और 1001 श्री रामचरितमानस ग्रंथ का वितरण सनातनी परिवारों को किया जाएगा। इससे वे अपनी सनातन संस्कृति, सभ्यता से जुड़ सकेंगे और हनुमान जी का रोज पाठ करेंगे। इससे बल और बुद्धि दोनों की प्राप्ति होगी। जब बल और बुद्धि होगी, तो अपने आप भारत विश्व गुरु बनेगा। इस मौके पर आश्रम में भी विशेष आयोजन किया जाएगा। महामंडलेश्वर बोले- बच्चों को संस्कृति से जोड़ना ही उद्देश्य महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन ने बताया कि सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार और युवा पीढ़ी को धर्म से जोड़ने के उद्देश्य से ग्रंथों का वितरण किया जाएगा। आधुनिक युग में जब बच्चे अपनी जड़ों से दूर हो रहे हैं, तब इन पवित्र ग्रंथों के नित्य पाठ से उनमें 'बल' और 'बुद्धि' दोनों का विकास होगा। आज इन पुस्तकों का विमोचन हुआ है, कल से इनका वितरण होगा। कार्यक्रम में महंत लक्ष्मण दास त्यागी महाराज पंचमुखी दरबार, महंत श्याम सुन्दर दास महाराज ओम्कारेश्वर, महंत बाबूगिरी महाराज, महंत संतदास महाराज, संत मायाराम, संत गोविन्द राम, ब्रह्मचारी मिहिर, पंडित सत्यनारायण शर्मा, सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। महंत बोले- रामचरितमानस में सभी ग्रंथों का सार समाहित महंत लक्ष्मण दास त्यागी ने बताया कि हमारे चार वेद, 6 शास्त्र और 18 पुराणों का सार अकेले श्रीरामचरितमानस में समाहित है। जो भी सनातनी परिवार इस ग्रंथ का आश्रय लेगा, उस पर ईश्वर की विशेष कृपा होगी। रामचरितमानस एक ऐसा ग्रंथ है जिसमें समस्त ग्रंथों का सार निहित है। जो भी इस ग्रंथ का आश्रय लेगा, निश्चित ही भगवान उसके ऊपर कृपा करेंगे और उसे बल, बुद्धि, विद्या की प्राप्ति होगी। यह देश अपने उत्कर्ष पर पहुंचेगा।