भीलवाड़ा भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला सामने आया है। एमबीबीएस फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) को इसकी शिकायत की है। शिकायत में बताया गया कि द्वितीय और तृतीय वर्ष के कुछ वरिष्ठ विद्यार्थी फर्स्ट ईयर के छात्रों पर रैगिंग में शामिल होने और उनकी बात मानने का दबाव बनाते हैं। मना करने पर परीक्षा में फेल कराने, बैक लगवाने, क्लास में न बैठने देने, जिम जाने से रोकने और खेल मैदान में न खेलने देने की धमकी दी जाती है। बाल कटवाने और विरोध करने वालों को देख लेने की बात भी कही जाती है। शाम और रात में कॉलेज मैदान तथा हॉस्टलों में निर्धारित समय पर पहुंचने के लिए दबाव बनाने की शिकायत भी की गई है। मेडिकल स्टूडेंट के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत लेकर जब उसके माता-पिता कॉलेज पहुंचे तो उन्हें भी दबाव और डराने वाली स्थिति का सामना करना पड़ा। 15 अक्टूबर को कॉलेज के सामने स्थित ऑक्सटेल हॉस्टल में कई वरिष्ठ छात्र एकत्र हुए। छात्र व उसके अभिभावकों को डराने-धमकाने की कोशिश की। एनएमसी ने कॉलेज प्रबंधन से 24 घंटे में कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग की बार-बार सामने आ रही शिकायतों को लेकर यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) के अध्यक्ष डॉ. लक्ष्य मित्तल ने भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि रैगिंग पूरी तरह से बंद होनी चाहिए। शिकायत में आरोप है कि प्रभावित छात्र के माता-पिता प्रिंसिपल से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने धमकी से संबंधित वीडियो होने की जानकारी भी दी। अभिभावकों के साथ बातचीत के दौरान प्रिंसिपल की ओर से कथित तौर पर यह कहे जाने का आरोप है कि, “क्या आपका बच्चा पहली बार घर से बाहर निकला है?” शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि संबंधित वरिष्ठ छात्र से तत्काल पूछताछ नहीं की गई और शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 15 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे के बाद ऑक्सटेल हॉस्टल में कई वरिष्ठ छात्रों के एकत्र होने और छात्र व उसके माता-पिता पर दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में प्रिंसिपल डॉ. पूजा गंगराड़े को कई बार फोन किया गया, व्हाट्सएप पर मैसेज भेजा गया, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। ^रैगिंग की शिकायत मिली तो है, लेकिन कॉलेज प्रिंसिपल और मैनेजमेंट की ओर से इस मामले में मीटिंग भी नहीं हुई कि जांच करनी है। - डॉ. अनुपम बंसल, एंटी रैगिंग कमेटी, भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के एंटी-रैगिंग सेल ने 16 अक्टूबर को कॉलेज के प्रिंसिपल से 24 घंटे में जवाब और कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने 15 अक्टूबर की घटना, परीक्षा में फेल कराने की कथित धमकियों, अभिभावकों को डराने और कॉलेज की एंटी-रैगिंग व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर जवाब मांगा है। साथ ही ऑक्सटेल हॉस्टल के प्रवेश द्वार, परिसर और आसपास के CCTV फुटेज, विशेषकर 15 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे के बाद की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने को कहा है। आयोग ने पिछले छह महीनों में एंटी-रैगिंग कमेटी, एंटी-रैगिंग स्क्वॉड और हॉस्टल कमेटी की बैठकों, निरीक्षणों, ड्यूटी रोस्टर तथा पूर्व शिकायतों पर हुई कार्रवाई के रिकॉर्ड भी तलब किए हैं।