बिहार के भोजपुर में 17 जून को पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की तेरहवीं का आयोजन किया गया। इसमें करीब 25 हजार लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी। करीब 20 हजार लोग भोज में शामिल हुए। तेरहवीं के दौरान भरत तिवारी के घर पर देशभक्ति गीत बजाए गए। श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान "भ्रष्ट व्यवस्था मुर्दाबाद", "बलिदानी लड़े थे गोरों से, हम लड़ेंगे कालों से", "चारों तरफ अंधेरा है, पहरेदार लुटेरा है" और "शहीदों, हम शर्मिंदा हैं" जैसे नारे लगाए गए। इधर, केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने भरत तिवारी के एनकाउंटर को सही ठहराया। उन्होंने कहा, “मेरे ऊपर कोई पिस्टल लहराएगा तो मैं उसे कैसे छोड़ सकता हूं। पुलिस मर जाए तो बहुत अच्छा। अगर कोई पुलिस पर पिस्टल तानने वाला मारा जाए तो सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने जो किया वो सही है।” भरत के गांव से आई तस्वीरें देखिए… खबर से जुड़े हाईलाइट्स मां बोली- सम्राट और उनकी पुलिस पर भरोसा नहीं भरत तिवारी की मां आशा देवी ने कहा, “आज बेटे का श्राद्धकर्म है, लेकिन मेरे बेटे की हत्या के आरोपियों की आज तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। आम आदमी कोई गलती करता है, तो पुलिस तत्काल उसे पकड़ लेती है, लेकिन मेरे बेटे के केस में पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। गांव में भरत का स्मारक बनना चाहिए, लेकिन मुझे बिहार सरकार से उम्मीद नहीं है कि वो ऐसा करेगी।” भरत तिवारी के छोटे भाई चंदन तिवारी ने कहा, “मुझे कोर्ट पर भरोसा है, कोर्ट से हमें न्याय मिलेगा। घटनास्थल पर भाई भरत की मूर्ति लगाने की गांव वाले मांग कर रहे थे, लेकिन सरकार ने इसे रोक दिया, ये बिल्कुल गलत है। अगर सरकार स्मारक नहीं बनवाएगी तो हम लोग खुद भरत का गांव में स्मारक बनवाएंगे।” भरत तिवारी एनकाउंटर से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… भरत तिवारी की तेरहवीं और बाकी अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….