सीकर जिले से फूड रियलिटी अवेयरनेस पदयात्रा गुजर रही है। देश में बढ़ती मिलावटखोरी, असुरक्षित खाद्य पदार्थों, हानिकारक रसायनों के प्रयोग और भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ जन जागरूकता के लिए ये पदयात्रा निकाली जा रही है। यात्रा संयोजक एडवोकेट जयंत मूंड ने बताया- 4 सितंबर को बीकानेर के वैष्णो माता मंदिर से पदयात्रा शुरू हुई। यह पदयात्रा रतनगढ़, सीकर, जयपुर, कोटपूतली और गुरुग्राम होते हुए दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचेगी। पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे दमित गहलोत और एडवोकेट जयंत मूंड का सीकर जिले की सीमा में प्रवेश करने पर स्वागत किया गया। जयंत मूंड ने बताया- इस पदयात्रा के जरिए नकली दूध, घी, पनीर, आटा और मसालों के माफियाओं की फांसी का प्रावधान, मिलावट से जुड़े मामलों का 90 दिनों में समाधान के लिए विशेष अदालतों का गठन करने की मांग की जा रही है। 8वीं क्लास के कोर्स में शुद्ध आहार सब्जेक्ट जोड़ने की मांग इसके अलावा पैकेटबंद प्रोडक्ट्स पर 5 स्टार रेटिंग कंपल्सरी करना, हर प्रोडक्ट की सभी सामग्री की लिस्ट हिंदी में अनिवार्य हो, हर जिले में आमजन के लिए अत्याधुनिक फूड टेस्टिंग लैब की स्थापना, फसलों व सब्जियों में जहरीले रसायनों, आर्टिफिशियल कलर/फ्लेवर व पाम ऑयल पर रोक तथा शुगर की मात्रा कंट्रोल करना, कोल्ड ड्रिंक्स व तंबाकू-गुटखा उत्पादों पर देश में पूर्ण प्रतिबंध, प्रोडक्ट्स के झूठे दावे और भ्रामक प्रचार करने वाली कंपनियों और प्रमोटर सेलिब्रिटीज को जेल का प्रावधान, पहली कक्षा से 8वीं तक के पाठ्यक्रम में शुद्ध आहार विषय अनिवार्य रूप से जोड़ने की मांग की है। पदयात्री युवाओं ने आमजन से खाद्य सामग्री खरीदते समय लेबल और एक्सपायरी जांचने और मिलावट की शिकायत तुरंत दर्ज कराने की अपील की है।