बीकानेर के स्थापना दिवस पर कल की तरह आज भी शहर का माहौल उत्सव में रंगा नजर आया। शाम होते ही शहर में हर ओर से आतिशबाजी होने लगी। आसमान में पतंगे और आतिशबाजी एक साथ नज़र आई। सुबह से ही हर गली-मोहल्ले की छतों पर युवाओं की भीड़ जुटी रही और आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर गया। पतंगबाजी के दौरान ‘बोयकट्या’ के जोरदार नारे पूरे शहर में गूंजते रहे, जिससे त्योहार जैसा माहौल बन गया। हालांकि इस उत्साह के बीच लापरवाही भी सामने आई है। चाइनीज़ मांजे के इस्तेमाल के कारण कई लोगों के हाथ, गर्दन और चेहरे पर कट लगने की घटनाएं सामने आई हैं। डॉक्टरों और प्रशासन ने पहले ही इस खतरनाक मांजे से दूर रहने की अपील की थी, लेकिन इसके बावजूद लोग इसका उपयोग करते दिखे। मांझा हुआ महंगा, बरेली से आ रही सप्लाई शहर में इस बार मांझे की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। अलग-अलग क्वालिटी के मांझे के अलग रेट हैं—जितना तेज मांझा, उतनी ही ज्यादा कीमत। व्यापारियों के अनुसार बरेली से बड़े स्तर पर मांझे की सप्लाई बीकानेर पहुंच रही है, जिससे बाजार में इसकी मांग बनी हुई है। पतंगों के दाम भी बढ़े पतंगों की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। जो सामान्य पतंग कभी 2 रुपये में मिल जाती थी, वही अब करीब 10 रुपये तक पहुंच गई है। इसके बावजूद उत्सव के जोश में लोगों की खरीदारी पर कोई खास असर नहीं दिख रहा है। पतंगबाजी का शौक रखने वाले डॉ. चंद्र शेखर श्रीमाली ने बताया कि महंगाई का इस पर कोई खास असर नहीं पड़ा है और लोग पूरे उत्साह के साथ पतंगबाजी कर रहे हैं। आखातीज पर बनते हैं स्थानीय गीत बीकानेर में आखातीज के मौके पर हर साल स्थानीय कलाकार पतंगबाजी और शहर की संस्कृति पर आधारित गीत तैयार करते हैं। इस बार भी कलाकार योगेश श्रीमाली ने शहर के प्रमुख स्थानों का जिक्र करते हुए खास गीत बनाया है, जो लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। प्रशासन की ओर से नागरिकों से सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाने की अपील की जा रही है, वहीं अभिभावकों को भी बच्चों पर नजर रखने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।