वरिष्ठ अधिवक्ता और श्रीकोलायत के पूर्व विधायक आरके दास गुप्ता का मंगलवार सुबह हार्ट अटैक से निधन हो गया। वे सोमवार को एक केस की पैरवी के लिए जोधपुर गए थे। मंगलवार सुबह तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बार अध्यक्ष अजय पुरोहित ने उनके निधन की जानकारी दी। उनके निधन से न्यायिक और राजनीतिक क्षेत्र में शोक है। बीकानेर बार एसोसिएशन के आठ बार अध्यक्ष रहे आरके दास गुप्ता बीकानेर बार एसोसिएशन के सबसे ज्यादा आठ बार अध्यक्ष रहे। उन्होंने पांच दशक से अधिक समय तक वकालत की और लंबे समय तक न्यायिक क्षेत्र में सक्रिय रहे। वे बीकानेर के जनहित से जुड़े मुद्दों पर अदालत में पैरवी करते रहे। शहर में रेलवे क्रॉसिंग की समस्या को लेकर भी उन्होंने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। इस मामले में उनकी याचिका आज भी जोधपुर हाईकोर्ट में विचाराधीन है। आपातकाल में जेल गए, 1977 में बने विधायक आरके दास गुप्ता का राजनीतिक सफर संक्षिप्त रहा। वे वर्ष 1977 में कोलायत क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। आपातकाल के दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। बाद में उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली और वकालत पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने विधायक बनने के करीब ढाई साल बाद ही विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उनका कहना था कि जिस उद्देश्य से वे राजनीति में आए थे, वह पूरा नहीं हो रहा था। इसके बाद उन्होंने बीकानेर शहर विधानसभा सीट से भी चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें ज्यादा वोट नहीं मिले। यह चुनाव भी उन्होंने सैद्धांतिक मुद्दों को लेकर लड़ा था। डूंगर कॉलेज से की थी बीए की पढ़ाई आरके दास गुप्ता ने वर्ष 1964 में बीकानेर के डूंगर कॉलेज से बीए किया था। इसके बाद वर्ष 1966 में राजस्थान विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री हासिल की। लंबे कानूनी अनुभव और बार एसोसिएशन में आठ बार अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाने के कारण बीकानेर के अधिवक्ता समुदाय में उनकी विशिष्ट पहचान रही। उनके निधन से न्यायिक और राजनीतिक क्षेत्र में शोक है। मेघवाल व गोदारा ने जताया शोक केंद्रीय कानून मंत्री और बीकानेर के सांसद अर्जुनराम मेघवाल ने गुप्ता के निधन पर शोक जताया है। केंद्रीय मंत्री की ओर से एक पुष्पचक्र भी उनकी पार्थिव देह पर अर्पित किया गया। अपने शोक संदेश में मेघवाल ने कहा कि गुप्ता मूल्य आधारित राजनीति के जीवंत प्रतीक थे। केबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने भी गुप्ता के निधन पर शोक जताया है। गोदारा ने कहा कि विधि क्षेत्र में उनके कार्य को हमेशा याद किया जाएगा। वो सिद्धांतों के तहत ही हर काम को करते थे।