जयपुर के सिंधी कैंप बस स्टैंड पर शुक्रवार रोडवेज बस ड्राइवर सतवीर डागुर के साथ ट्रैफिक इंस्पेक्टर लोकेश चौधरी ने मारपीट कर दी। ड्राइवर सतवीर सुबह बस का टायर ठीक कराने जा रहा था। इंस्पेक्टर ने पहले बस के सामने खड़े होकर उससे गाली-गलौज की। इसके बाद केबिन में आकर उसका गिरेबान पकड़ लिया और धक्का-मुक्की करते हुए थप्पड़ मार दिया। बाद में उसे पकड़कर ड्यूटी रूम में ले गया और वहां भी मारपीट की गई। करीब दो घंटे तक कमरे में बंद रखा गया। घटना सुबह करीब 7:30 बजे की है। मामले में कर्मचारी फेडरेशन ने विरोध जताया और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। टायर का पंक्चर ठीक कराने जा रहा था सतवीर डागुर ने बताया कि वह गुरुवार शाम 7 बजे भरतपुर से जयपुर के लिए चला था। रात करीब 11 बजे जयपुर पहुंचने के बाद सो गया। शुक्रवार सुबह 7:10 बजे उसकी जयपुर से आगरा के लिए ड्यूटी थी। बस का टायर पंक्चर था, इसलिए उसे ठीक कराने ले जा रहा था। इसी दौरान ट्रैफिक इंस्पेक्टर लोकेश चौधरी आगरा जाने वाली 20 से 30 सवारियों को लेकर सामने आ गए। सभी सवारियां तो सामने से हट गईं, लेकिन इंस्पेक्टर बस के आगे खड़ा हो गया। उसने बस पर मुक्के मारे और गाली-गलौज करने लगा। मैंने उसे पहचाना भी नहीं, क्योंकि उसने लोअर और टीशर्ट पहन रखी थी। बस से नीचे उतरने पर जड़ा थप्पड़ सतवीर ने बताया कि इसके बाद इंस्पेक्टर केबिन में आ गया और मेरा गिरेबान पकड़कर धक्का-मुक्की करने लगा। नीचे उतरते समय थप्पड़ भी मारा। जब लोगों ने बताया कि वह इंस्पेक्टर है, तब मुझे पता चला। मैंने उनसे कहा भी कि सर, बस का टायर पंचर है और मुझे टायर ठीक कराने जाना है, लेकिन वह नहीं माना। इसके बाद मुझे पकड़कर ड्यूटी रूम में ले गया और वहां मारपीट की। मुझे अलग कमरे में बंद कर दिया। मेरे साथ मौजूद कंडक्टर से भी गाली-गलौज की गई। सतवीर ने बताया कि मुझे सुबह 9 बजे छोड़ा गया। इसके बाद बस का टायर ठीक करवाया और सुबह 11:30 बजे सवारियों को लेकर भरतपुर के लिए रवाना हुआ। फेडरेशन ने की कार्रवाई की मांग कर्मचारी फेडरेशन के महामंत्री सत्यनारायण शर्मा ने बताया कि निगम अधिकारियों द्वारा एक ड्राइवर के साथ मारपीट करना गलत है। फेडरेशन इसकी निंदा करता है और निगम प्रबंधन से संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करता है।