इंदिरा गांधी नहर परियोजना में 12 अप्रैल से 11 मई तक पूरी तरह नहरबंदी के आदेश जारी होने के साथ ही वापस ले लिए गए हैं। जलदाय विभाग को नहर से पानी मिलने की उम्मीद बंधने के साथ ही 12 अप्रैल से एक दिन छोड़कर एक दिन पानी देने की व्यवस्था को फिलहाल स्थगित कर दिया है। अब नियमित रूप से पानी मिलेगा लेकिन करीब पांच दिन बाद ही एक दिन छोड़कर (48 घंटे में) पानी की सप्लाई की जाएगी। इसकी तारीख बाद में तय की जाएगी। यह फैसला जलाशयों में जुटे हुए जल की मात्रा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता खेमचंद सिंगारिया ने बताया- जोनवार ओड और इवन (सम व विषम) दिनांक के अनुसार पेयजल वितरण व्यवस्था की गई है। जैसे ही नहर से जलाशयों में पानी पूरी तरह बंद होगा, वैसे ही ओड इवन व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। इसके लिए पहले से तय जोन में ही ओड-इवन व्यवस्था से पानी दिया जाएगा। प्रथम जोन क्षेत्र द्वितीय जोन क्षेत्र पानी का सावधानी से करें उपयोग जलदाय विभाग ने आह्वान किया है कि नहरबंदी के समय में पानी का उपयोग सावधानीपूर्वक करें। इसे व्यर्थ न बहाएं। मितव्ययता से जल प्रयोग करें। ताकि विषम परिस्थितियों से बचा जा सके। नहर बंदी के दौरान अंतिम छोर पर समुचित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा उड़न दस्ते के जरिए अवैध बूस्टर को जप्त किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कुछ क्षेत्रों में आधे घंटे विद्युत कटौती भी की जा सकती है। नहरबंदी के दौरान उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।