जोधपुर जिले के बिलाड़ा क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। चोपड़ा फीडर नहर के पास आदर्श विद्या मंदिर सैकंडरी स्कूल की एक वैन जेतिवास रोड पर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। गनीमत रही कि वैन नहर के पास गहरे गड्ढे में नहीं गिरी, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। हादसे के समय वैन में 10-12 स्कूली बच्चे सवार थे, जो सुरक्षित हैं। हालांकि, इनमें से 5-6 बच्चों को मामूली चोटें आईं। प्रत्यक्षदर्शियों और बच्चों के अनुसार, यह हादसा वैन चला रहे नए ड्राइवर की लापरवाही के कारण हुआ, जो गाड़ी चलाते समय लगातार मोबाइल फोन देख रहा था। 'ड्राइवर फोन देख रहा था, गाड़ी इधर-उधर हो रही थी' हादसे के बाद सहमे हुए स्कूली बच्चों ने बताया कि उनका नियमित ड्राइवर आज नहीं आया था और उसकी जगह कोई नया ड्राइवर वैन चला रहा था। बच्चों के अनुसार, ड्राइवर लगातार मोबाइल फोन देख रहा था, जिससे गाड़ी सड़क पर अनियंत्रित होकर इधर-उधर लहरा रही थी। इसी लापरवाही के कारण वैन सड़क से नीचे उतर गई और एक तरफ पलट गई। बच्चों ने बताया कि वैन पलटने के बाद वे पीछे का गेट खोलकर सुरक्षित बाहर निकले। गड्ढे के पास बबूल के पेड़ों ने बचाई जान घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वैन सड़क से उतरकर जिस तरफ पलटी, वहां चोपड़ा नहर का गहरा गड्ढा है। गनीमत रही कि गड्ढे के किनारे बबूल के पेड़ थे, जिससे वैन वहीं रुक कर पलट गई। यदि वैन और आगे जाती तो वह सीधे गहरे गड्ढे में गिर सकती थी, जिससे कई बच्चों की जान को खतरा हो सकता था। लोगों ने स्कूल प्रशासन से मांग की है कि वह बच्चों की सुरक्षा के प्रति गंभीरता दिखाए और ऐसे लापरवाह व नए ड्राइवरों को बिना पूरी जांच के गाड़ी चलाने की अनुमति न दे, साथ ही यह भी सुनिश्चित करे कि गाड़ी चलाते समय मोबाइल का उपयोग न हो।