झालावाड़ जिले के खानपुर इलाके के बिशनखेड़ी गांव में एक पुराने मंदिर को ढहाने के प्रयास को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए हैं। अधिकारियों ने मंदिर ढहाने की कार्रवाई को फिलहाल रुकवा दिया है। जानकारी के अनुसार कुछ ग्रामीण पुराने लक्ष्मीनारायण मंदिर को तोड़ने पहुंचे थे। इस पर मंदिर के पुजारी ने विरोध करते हुए इसे अपने पुरखों का मंदिर और अपनी आय का मुख्य स्रोत बताया। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ पनवाड़ पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया है। मंगलवार को एक पक्ष के ग्रामीण झालावाड़ पहुंचकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने अपनी शिकायत दर्ज कराई। मंदिर विवाद के कारण सोमवार को गांव में तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी। प्रशासन ने दोनों पक्षों को मंगलवार को खानपुर एसडीएम कार्यालय बुलाया था, लेकिन केवल एक पक्ष ही वहां पहुंचा और बाद में जिला कलेक्टर से मुलाकात की। मंदिर ढहाने का काम रुकवाया इस घटना की सूचना पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से समझाइश कर मंदिर तोड़ने का काम रुकवा दिया। साथ ही सुरक्षा के तौर पर पुलिस जाब्ता तैनात किया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में वर्षों पुराना प्राचीन मंदिर है। इसकी लगभग 30 बीघा जमीन होने के बावजूद पुजारी दीनदयाल शर्मा न तो नियमित पूजा करता है और न ही मंदिर की साफ-सफाई व उसके संरक्षण पर ध्यान दे रहा है। इसके चलते मंदिर जर्जर अवस्था में पहुंच गया है। ऐसे में श्रद्धालुओं, महिलाओं व बच्चों पर खतरा मंडरा रहा है। इसको लेकर ही ग्रामीणों ने निर्णय लेकर मंदिर की प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर रखकर मंदिर के भवन को तोड़कर उसका जीर्णोद्धार कराने का निर्णय लिया था। इसी के चलते ग्रामीण जेसीबी लेकर जर्जर हो गए मंदिर को तोड़ने पहुंचे तो मंदिर का पुजारी दीनदयाल इसका विरोध करने लगा। सोमवार को पुजारी की सूचना पर खानपुर डीएसपी गरिमा जिंदल, थानाधिकारी जाकिर हुसैन और पटवारी सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे थे और मंदिर तोड़ने का काम रुकवाकर दोनों पक्षों से समझाइश की।