पश्चिमी बंगाल विधानसभा चुनावों में बीजेपी की बड़ी जीत का असर राजस्थान के नेताओं के सियासी पर्सेप्शन पर भी दिखा है। पार्टी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी को 28 सीटों की जिम्मेदारी सौंपी थी, जिसमें से 27 सीटों पर जीत दर्ज कर उन्होंने नया कीर्तिमान बनाया है। उनका स्ट्राइक रेट 96 प्रतिशत रहा, जिससे वे चुनावी रणनीति के नए शिल्पकार बनकर उभरे हैं। 28 सीटों का जिम्मा, पीएम-शाह की सभाओं का भी किया सफल प्रबंधन पूर्व मंत्री के निजी सहायक के अनुसार, पश्चिमी बंगाल चुनाव में उनके जिम्मे 28 सीटों का प्रबंधन था। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की सभाएं भी आयोजित हुईं, जिनका कैलाश चौधरी ने नेतृत्व क्षमता के साथ सफल प्रबंधन किया। उन्होंने जिला स्तर से लेकर बूथ स्तर तक लगातार बैठकें कर कार्यकर्ताओं में जीत का मंत्र फूंका और केंद्र सरकार की योजनाओं व चुनावी वादों को जन-जन तक पहुंचाने का काम किया। रिफाइनरी जैसे बड़े आयोजन से भी बनाया दूरी, चुनाव पर रखा पूरा फोकस चुनावों की घोषणा से पहले ही कैलाश चौधरी पश्चिमी बंगाल में डेरा डाल चुके थे और लगातार 6 माह तक वहीं सक्रिय रहे। इस दौरान उन्होंने अपने क्षेत्र में पचपदरा रिफाइनरी जैसे बड़े आयोजन में भी शामिल होने से परहेज किया, ताकि चुनावी रणनीति में कोई कमी न रह जाए। 21 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रिफाइनरी का उद्घाटन प्रस्तावित था, लेकिन आग की घटना के चलते कार्यक्रम स्थगित हो गया। इसके बावजूद वे राजस्थान नहीं आए और बंगाल में पार्टी कार्य में जुटे रहे। बाड़मेर से सांसद रहे, केंद्र में मंत्री पद भी संभाला कैलाश चौधरी 2019 में बाड़मेर लोकसभा सीट से कर्नल मानवेंद्र सिंह को हराकर सांसद बने थे। इसके बाद उन्हें मोदी सरकार में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री बनाया गया। बीजेपी ने 2024 लोकसभा चुनाव में भी उन पर भरोसा जताया, लेकिन त्रिकोणीय मुकाबले में वे तीसरे स्थान पर रहे। इसके बाद भी उन्होंने संगठन के लिए सक्रिय रूप से काम जारी रखा। वर्तमान में वे राजस्थान भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष हैं।