बूंदी में एडीएम रामकिशोर मीणा की अध्यक्षता में वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही बैठक हुई। यह बैठक जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव के निर्देशन में कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को हुई। इसमें "बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ" योजना के तहत जिला स्तरीय टास्क फोर्स, जिला महिला कल्याण समाधान समिति, सखी वन-स्टॉप सेंटर प्रबंधक समिति और अन्य विभागीय योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा, संरक्षण और महिला सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष रूप से चर्चा हुई। योजनाओं की प्रगति की दी जानकारी सहायक निदेशक महिला अधिकारिता विभाग भैरू प्रकाश नागर ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और उनकी प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बूंदी जिले के विभिन्न ब्लॉकों में संचालित महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्रों द्वारा दी जा रही परामर्श, सहायता और संरक्षण सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया। महिला सशक्तिकरण पर दिया जोर बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीएम मीणा ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे योजनाओं का लाभ पात्र महिलाओं और बालिकाओं तक समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा विभागीय कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करने को कहा। बैठक में उपनिदेशक समेकित बाल विकास सेवाएं ऋचा चतुर्वेदी, जिला उद्योग अधिकारी शुभकरण, शिक्षा विभाग के सहायक निदेशक धनराज मीणा, बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक हुकुमचंद जाजोरिया एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी विपुल शुक्ला, पारूल शर्मा, आदित्य सिंह एवं महिला अधिकारिता विभाग की सुपरवाइजर प्रीति बंशीवाल, प्रमिला, सूचना सहायक राशि श्रृंगी, पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र से विनिता अग्रवाल, सलोनी शर्मा, सखी वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रबंधक हिना शर्मा, महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र से छाया सक्सेना, प्राची, साधना श्रृंगी, रीना चित्तौड़ा मौजूद रहे।