बूंदी में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि वर्मा ने मंगलवार को महात्मा गांधी नरेगा योजना की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के तहत संचालित इस योजना के विभिन्न बिंदुओं पर आवश्यक निर्देश दिए। जिला परिषद सभागार में हुई समीक्षा बैठक में सीईओ ने लेखा सहायकों और एमआईएस मैनेजरों को निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मई माह में किसी भी पंचायत समिति क्षेत्र में 20 हजार से कम श्रमिक नियोजन होने पर संबंधित कार्मिकों की जिम्मेदारी तय कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। शत प्रतिशत मस्टररोल जारी करने के निर्देश वर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लाभार्थियों को आवास निर्माण के लिए मनरेगा से 2 दिन में शत प्रतिशत मस्टररोल जारी करने के निर्देश दिए। इसके अलावा मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना के तहत स्वीकृत कार्यों को भी दो दिवस में शत प्रतिशत प्रारंभ करने के लिए मस्टररोल जारी करने को कहा गया। उन्होंने पूर्ण हो चुके कार्यों की जियो टैगिंग करवाने और जिले के नामांकित जॉब कार्ड धारकों की शत प्रतिशत ई-केवाईसी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही, मृत या स्थायी रूप से पलायन कर चुके व्यक्तियों के नाम जॉब कार्ड से हटाने की कार्रवाई भी करने के निर्देश दिए। इस बैठक में सहायक अभियंता कुशाल मीणा और विजय कुमार हुम्मड़, एमआईएस मैनेजर नितिन एस नायर, लेखा सहायक कौशल जायसवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।