बूंदी के नैनवां में मंगलवार को जैन मुनि निर्मल नंदी महाराज का दीक्षा जयंती महोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। चंद्रप्रभु नसिया दिगंबर जैन समाज के तत्वावधान में सुबह 7:30 बजे मंगलाचरण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। नन्हीं बालिकाओं ने मनोहारी नृत्य प्रस्तुतियां दीं, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया। महोत्सव के दौरान रतन देवी, दिनेश, संजय और सौरभ जैन को दीप प्रज्वलन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। महावीर, लोकेश और सुनील जैन परिवार द्वारा शांति धारा संपन्न की गई। रमेश, ललित, सुरेंद्र और मुकेश मित्तल परिवार को शास्त्र भेंट करने का अवसर मिला। भगवान की शांति धारा मुनि निर्मल नंदी महाराज के मुखारविंद से संपन्न हुई। समारोह में ककोड़ समाज ने वैदी प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए श्रीफल भेंट किया। बगैरवाल, वर्धमान, सरावगी, जय जिनेंद्र, त्रिशला और बालिका मंडल सहित विभिन्न महिला मंडलों ने अष्ट द्रव्य पूजा के साथ नृत्य प्रस्तुतियां दीं और सामूहिक रूप से अर्घ्य समर्पित किया। इस अवसर पर शुभम जैन पुत्र दिनेश जैन समीधीवाले को आरएएस में चयनित होने पर जैन समाज द्वारा तिलक लगाकर और माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया। धर्मसभा को संबोधित करते हुए आर्यिका विशेषमति माता ने समाज के उत्थान के लिए योग्य एवं निष्ठावान नेतृत्व की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जैसे नदी की शोभा जल से होती है, वैसे ही मनुष्य की शोभा भोग से नहीं, बल्कि योग से होती है। मुनि निर्मल नंदी महाराज ने अपने प्रवचन में जैन धर्म को अत्यंत सरल बताया, जिसमें भावों की शुद्धि और संयम का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि जैन धर्म समस्त जीवों को मोक्ष का मार्ग दिखाने वाला अद्वितीय दर्शन है। कार्यक्रम में प्रदीप जैन गुढ़ावाला (अध्यक्ष), दिनेश जैन ठोलिया, ललित जैन, माणकचंद,विनोद मारवाड़ा, आशीष जैन, महावीर सरावगी, नाथूलाल देईवाले, कैलाश जैन और प्रवीण सरावगी सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में मुनि ने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया। इसके पश्चात जयकारों के साथ आयोजन का समापन हुआ। कंटेंट: अश्विनी शर्मा नैनवां