बूंदी शहर की प्राचीन धरोहरों के संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मंगलवार को विधिवत कार्य शुरू हो गया। जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव और जिला प्रमुख रामेश्वर मीणा ने भैरू दरवाजा स्थित गणेश जी की पूजा-अर्चना कर 10 ऐतिहासिक दरवाजों और प्राचीन बावड़ियों के संरक्षण व सौंदर्यीकरण कार्य का शुभारंभ किया। यह परियोजना लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विशेष प्रयासों से भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) द्वारा स्वीकृत की गई है। इसका क्रियान्वयन भारतीय सांस्कृतिक निधि (इंटेक) चैप्टर बूंदी द्वारा किया जाएगा। जिला कलेक्टर ने बताया कि इन ऐतिहासिक दरवाजों और प्रमुख बावड़ियों के जीर्णोद्धार से बूंदी की प्राचीन और गौरवशाली सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रहेगी। इससे हाड़ौती क्षेत्र में पर्यटन को भी नई गति मिलेगी। पर्यटन को सुगम और आकर्षक बनाने के लिए कई नई योजनाएं भी शुरू की जा रही हैं। बूंदी के पुराने बाईपास को 'फूलों की घाटी' के रूप में विकसित किया जाएगा। दधिमति मंदिर से मीरांगेट तक 2.5 किलोमीटर लंबे मार्ग को भी आकर्षक स्वरूप दिया जाएगा, ताकि देसी-विदेशी पर्यटक आसानी से विरासत का अवलोकन कर सकें। रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के प्रवेश द्वार क्षेत्र को भी नया और आकर्षक रूप दिया जाएगा। जिला कलेक्टर ने यह भी बताया कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए आमजन के सुझावों पर काम शुरू कर दिया गया है। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नगर परिषद आयुक्त को क्यूआर कोड व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे नागरिक सीधे प्रशासन को कार्यों का फीडबैक दे सकेंगे। उन्होंने आमजन से प्लास्टिक का उपयोग बंद करने और इसके स्थान पर राजीविका के उत्पादों को दैनिक कार्यों में शामिल करने की अपील भी की।