बूंदी में सड़क हादसों में कमी लाने और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए मंगलवार को प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के एक संयुक्त दल ने शहर के दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का सघन निरीक्षण किया। यह कार्रवाई जिला सड़क सुरक्षा समिति के निर्णयों और जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव के निर्देशों के बाद की गई। निरीक्षण दल ने शहर के 3 प्रमुख 'ब्लैक स्पॉट्स' - सिलोर रोड चौराहा, चित्तौड़ रोड चौराहा और लग्दरिया भैरूजी तिराहा का बारीकी से जायजा लिया। इन स्थानों पर हादसों की आशंका सबसे ज्यादा रहती है। अतिक्रमण हटेंगे, झाड़ियों-जंगली घास को काटा जाएगा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें सड़कों के किनारे मौजूद अवैध अतिक्रमण को तुरंत हटाना और झाड़ियों व जंगली घास की सफाई करना शामिल है। इसके अलावा रास्तों में बने गड्ढों को जल्द से जल्द भरवाने और डिवाइडर को निर्धारित मापदंडों के अनुसार दुरुस्त व विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। चौराहों पर रात के समय होने वाले हादसों को रोकने के लिए बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तुरंत चालू करने और आवश्यकतानुसार नई लाइटें लगाने का भी निर्णय लिया गया। वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए स्पीड ब्रेकर बनाने, उचित रोड मार्किंग करने और आवश्यक चेतावनी व सूचना बोर्ड लगाने के सुझाव भी दिए गए। नो पार्किंग जोन घोषित करने की अनुशंसा शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए टीम ने पुराना बाईपास रोड से नवल सागर तक होने वाली अवैध पार्किंग पर गंभीर चिंता व्यक्त की। दल ने आम सहमति से इस पूरे मार्ग को 'नो-पार्किंग जोन' घोषित करने की अनुशंसा की है, ताकि यहां वाहनों का अवांछित जमावड़ा नहीं लगे और यातायात निर्बाध रूप से चल सके। निरीक्षण दल में सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता मुकेश कुमार गुप्ता, जिला परिवहन अधिकारी सौम्या शर्मा, बूंदी पुलिस वृत्ताधिकारी अनिल जोशी, अधिशाषी अभियंता राजाराम मीणा, सब-इंस्पेक्टर जितेन्द्र सिंह, नगर परिषद के सहायक अभियंता दिनेश कुमार मीणा और एनआईसी ऑफिस के कार्तिकेय शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल रहें।