पतंगबाजी के मौसम में संदेशों से सजी पतंगें आसमान में उड़ रही हैं। संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा और जिला कलेक्टर निशांत जैन चाइनीज मांझे पर रोक की अपील करने वाले पोस्टरों का विमोचन कर चुके हैं। लेकिन, अभी तक जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी का नतीजा है कि एक मासूम की जान चली गई। ये संदेश तभी सार्थक होंगे जब चाइनीज मांझे पर लगाम लगेगी। सिर्फ पोस्टर विमोचन और स्लोगन से चाइनीज मांझे पर लगाम कैसे लगेगी? जब तक जिला प्रशासन और पुलिस सख्ती नहीं करेंगे, तब तक ये अभियान महज फोटो खिंचाने और लोगों से मिलने-जुलने की औपचारिकता बनकर रह जाएंगे। अपील: आमजन अपनी जिम्मेदारी निभाए शहर में नशे और चाइनीज मांझे के खिलाफ चल रहे अभियान सराहनीय हैं, लेकिन केवल पोस्टर विमोचन और जागरूकता संदेशों से बदलाव संभव नहीं है। जरूरत है कि जिला प्रशासन और पुलिस इन अभियानों को जमीन पर उतारें और सख्त कार्रवाई करें। जब तक अवैध रूप से बिक रहे चाइनीज मांझे पर पूरी तरह रोक नहीं लगेगी और नशे के कारोबारियों पर निर्णायक प्रहार नहीं होगा, तब तक हर साल लोगों की जान जोखिम में पड़ती रहेगी। आमजन की भी जिम्मेदारी कम नहीं है। यदि हम खुद जागरूक होकर प्रतिबंधित चीजों का उपयोग बंद करें और गलत गतिविधियों की सूचना प्रशासन को दें, तभी यह लड़ाई जीती जा सकती है। दैनिक भास्कर प्रशासन से अपील करता है कि औपचारिकताओं से आगे बढ़कर ठोस कार्रवाई करे।