श्रीगंगानगर जिले के सिद्धपीठ जय श्री हनुमान चानणा धाम में रविवार को 56वें वार्षिक महोत्सव के अवसर पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। बालाजी महाराज के दर्शन करने के लिए श्रीगंगानगर जिले के अलावा पंजाब और हरियाणा से भी हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु हाथों में ध्वजा लेकर जय श्रीराम और जय बालाजी महाराज के जयकारे लगाते हुए पैदल धाम की ओर आ रहे हैं। डीजे की धुन पर नाचते-गाते श्रद्धालुओं के जत्थों से हाईवे भक्तिमय बना हुआ है। पैदल यात्रियों की सेवा में जुटे सेवादार चानणा धाम जाने वाले पैदल यात्रियों की सेवा के लिए चूनावढ़ क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर सेवा समितियों की ओर से भंडारे लगाए गए हैं। चूनावढ़ कोठी, गैस एजेंसी के पास, 33 जीजी, 34 जीजी और 35 जीजी पुलिया, जोधेवाला के मुख्य द्वार, घुदुवाला पुलिया तथा 3 एनएन सहित आसपास के क्षेत्रों में सेवादार श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे हैं। भंडारों में दाल-रोटी, फल, चाय-नाश्ता, ब्रेड पकोड़े, खीर, पूड़ी-छोले, आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक और जलेबी सहित विभिन्न खाद्य सामग्री वितरित की जा रही है। सेवादार पैदल यात्रियों को भोजन और जलपान उपलब्ध करवाकर उनकी यात्रा को सुगम बनाने में सहयोग कर रहे हैं। पांच ईंटों से शुरू हुआ आस्था का सफर चानणा धाम की स्थापना 2 अक्टूबर 1971 को ब्रह्मलीन भक्त शिरोमणि महंत रामस्वरूप बागड़िया ने श्री बालाजी महाराज की आज्ञा से की थी। महंतजी ने मंत्रोच्चार के साथ मात्र पांच ईंटें रखकर मंदिर की नींव रखी थी। इसके बाद यहां श्रद्धालुओं की अर्जी लगाने की परंपरा शुरू हुई। समय के साथ धाम की प्रसिद्धि बढ़ती गई और आज यह पंजाब, हरियाणा तथा राजस्थान के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। वर्ष 1982 में मंदिर परिसर में प्रज्वलित की गई अखंड ज्योति आज भी निरंतर प्रज्वलित है। 24 घंटे चलता है भंडारा चानणा धाम में सालभर धार्मिक आयोजन होते हैं और साल में 12 मेले आयोजित किए जाते हैं। यहां 24 घंटे चलने वाले भंडारे में श्रद्धालुओं के लिए भोजन-प्रसादी की व्यवस्था रहती है। वार्षिक महोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर बालाजी महाराज के दरबार में शीश नवाते हैं और मनोकामना पूर्ति के लिए अर्जी लगाते हैं। पुलिस ने किया यातायात डायवर्ट मेले में पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था के लिए चूनावढ़ थाना पुलिस ने बस स्टैंड पर एक तरफ का रास्ता डिवाइड कर वाहनों का आवागमन व्यवस्थित किया है। चारपहिया वाहनों को दूसरे रास्ते से निकाला जा रहा है, ताकि पैदल धाम की ओर जा रहे श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। पदमपुर पुलिस सहित पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं पर नजर रख रहे हैं। प्रशासन की ओर से मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं। इनपुट: अरुण चावला