शांतिनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र सांखना में आयोजित दो दिवसीय वार्षिकोत्सव व मेले के दौरान सानिध्य प्रदान करने के बाद मंगलवार को आर्यिका कनक श्री ससंघ का मंगल विहार हुआ। संघ ने अलीपुरा व छान होते हुए श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र मेहंदवास चंद्रपुरी में मंगल प्रवेश किया। मीडिया प्रभारी राजेश अरिहंत ने बताया कि आचार्य इंद्रनंदी महाराज की शिष्या आर्यिका कनक श्री ससंघ का चातुर्मास मेहंदवास चंद्रपुरी में चल रहा है। संघ के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए कनक श्री महिला मंडल, पुरानी टोंक की सदस्याएं चंद्रपुरी पहुंचीं। महिलाओं ने भगवान चंद्रप्रभु के दर्शन किए। आर्यिका श्री से मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। मंडल की सदस्य मधु लुहाड़िया ने बताया कि आर्यिका कनक श्री की प्रेरणा से 15 वर्ष पूर्व गठित महिला मंडल की सदस्यों ने धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया। इस दौरान मंडल की ओर से पिछले एक वर्ष में आयोजित सामाजिक, धार्मिक व सांस्कृतिक गतिविधियों की जानकारी भी आर्यिका श्री को दी गई। इस दौरान पायल चौधरी, संजू जैन, अनीता अनोपड़ा, प्रेमलता पाटनी, कम्मोरानी, बीना, संगीता, सोना, मंजू और चंद्रकला सहित कनक श्री महिला मंडल की अन्य सदस्याएं उपस्थित रहीं। क्रोध की जगह शांति और अहंकार की जगह प्रेम चुनें : आर्यिका कनक श्री ने उद्बोधन में कहा कि जीवन में परिवर्तन की शुरुआत दृढ़ संकल्प से होती है। क्रोध के स्थान पर शांति, विरोध के स्थान पर स्वीकार, अहंकार के स्थान पर प्रेम अपनाकर व्यक्ति अपने भीतर नए संस्कार विकसित कर सकता है। आध्यात्मिक जागरूकता और निरंतर अभ्यास से पुरानी आदतों में भी बदलाव संभव है। उन्होंने धर्म के प्रति आस्थावान रहने की प्रेरणा दी। देव, शास्त्र और गुरु की निरंतर सेवा करने का संदेश दिया।