धौलपुर| जन्म प्रमाण-पत्र में नाम परिवर्तन को लेकर राज्य सरकार ने नियम सख्त कर दिए हैं। अब बच्चे के नाम,मिडिल नेम या सरनेम (उपनाम) में बदलाव केवल गजट नोटिफिकेशन के आधार पर ही संभव होगा। जिला रजिस्ट्रार राजेश कुमार ने बताया कि पहले ऐसे मामलों में शपथ पत्र के जरिए नाम संशोधन कर दिया जाता था,लेकिन अब इस व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। नए प्रावधानों के अनुसार यदि जन्म प्रमाण-पत्र में केवल बच्चे का मूल नाम दर्ज है और माता-पिता सरनेम जोड़ना चाहते हैं,तो इसके लिए माता या पिता के सरनेम से संबंधित दस्तावेज या साक्ष्य प्रस्तुत करना होगा। साथ ही साधारण शपथ पत्र देकर बच्चे के नाम में सरनेम जोड़ा जा सकेगा। हालांकि, नाम में किसी भी प्रकार का पूर्ण परिवर्तन अब बिना गजट में प्रकाशन कराए संभव नहीं होगा। इसके लिए सरकार के राजपत्र या अन्य राज्यों के निवासियों के लिए भारत सरकार के राजपत्र में प्रकाशन अनिवार्य रहेगा। क्यों जरूरी हैं ये नए नियम- फर्जी बदलाव पर रोक: पहले शपथ पत्र के आधार पर नाम बदलने में दुरुपयोग की आशंका रहती थी दस्तावेजों की विश्वसनीयता: स्कूल, बैंक और सरकारी योजनाओं में एकरूपता बनी रहेगी कानूनी स्पष्टता: गजट नोटिफिकेशन से नाम परिवर्तन का आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार होता है पहचान की सुरक्षा: गलत पहचान या फर्जीवाड़े के मामलों में कमी आएगी