टोंक| बाल विवाहों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय कोहना एवं एक निजी स्कूल की छात्राओं जागरुक किया। इसमें बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक नवल खान ने बताया कि आखातीज, पीपल पूर्णिमा, के अवसर पर अबूझ सावा होने के कारण बाल विवाह होने की संभावनाएं अधिक रहती है, जिसकी रोकथाम के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। अध्ययनरत बालिकाओं को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के मुख्य प्रावधानों व शिकायत कहां व कैसे की जा सकती हैं कि जानकारी दी गई। मानव तस्करी विरोधी यूनिट के प्रभारी देवेन्द्र सिंह ने मानव तस्करी विरोधी यूनिट के कार्यों व बाल विवाह से होने वाले नुकसानों के बारे मे अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति ही नही बल्कि की कानूनन अपराध भी है। बाल कल्याण समिति सदस्य संदीप कांटिया ने बालिकाओं को बाल विवाह की सूचना देने व बाल विवाह रुकवाने के लिए बालिकाओं को प्रेरित किया। चाइल्ड हेल्प लाईन के समन्वयक कमलेश सैनी ने चाइल्ड हेल्प लाईन की कार्य प्रणाली के बारे मे बालिकाओं को जानकारी दी।