चित्तौड़गढ़ में नई रेल लाइन, डबलिंग, इलेक्ट्रिफिकेशन और स्टेशन विकास के काम हो रहे है। वहीं दूसरी तरफ संकेत मिले है कि बुलेट ट्रेन परियोजना में भी चित्तौड़गढ़ को बड़ी भूमिका मिलने वाली है। प्रारंभिक सर्वे हो चुका है। प्रस्तावित योजना के अनुसार चित्तौड़गढ़ लोकसभा में बुलेट ट्रेन के दो स्टेशन बनाए जा सकते हैं। इसके साथ ही जिले को देश के बड़े रेल नेटवर्क से जोड़ने वाले कई अन्य प्रोजेक्ट भी अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ रहे हैं। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की प्रारंभिक सर्वे प्रक्रिया पूरी सांसद सीपी जोशी ने कहा- बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की प्रारंभिक सर्वे प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अभी इस प्रोजेक्ट को जमीन पर उतरने में समय लगेगा, लेकिन योजना में चित्तौड़गढ़ को जरूरी स्थान मिला है। जोशी के अनुसार जहां अन्य क्षेत्रों में एक स्टेशन प्रस्तावित है, वहीं चित्तौड़गढ़ और देबारी में दो स्टेशन बनाए जाने की संभावना है। यदि यह प्रोजेक्ट आगे बढ़ती है तो पूरे मेवाड़ क्षेत्र को इसका सीधा फायदा मिलेगा। तेज गति वाली रेल सेवा से बड़े शहरों तक पहुंच आसान हो जाएगी। डबलिंग, इलेक्ट्रिफिकेशन और नई लाइनों पर काम सांसद ने बताया- पिछले सालों में चित्तौड़गढ़ में रेलवे से जुड़े कई बड़े काम स्वीकृत हुए हैं। गेज कन्वर्जन के बाद अब नई रेल लाइनों, ट्रैक डबलिंग और इलेक्ट्रिफिकेशन पर तेजी से काम चल रहा है। चित्तौड़गढ़-नीमच-रतलाम रेलखंड का डबलिंग लगभग पूरा होने की स्थिति में है। इसके अलावा चित्तौड़गढ़-अजमेर रेलखंड पर भी काम जारी है। चित्तौड़गढ़-कोटा लाइन के लिए भी अंतिम सर्वे और स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। उनका कहना है कि इन प्रोजेक्ट्स के पूरे होने के बाद ट्रेनों की आवाजाही आसान होगी और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। कनेक्टिविटी पर भी फोकस सीपी जोशी ने कहा- रेलवे नेटवर्क को और मजबूत बनाने के लिए चित्तौड़गढ़ से उदयपुर तक कनेक्टिविटी सुधारने पर भी काम किया जा रहा है। देबारी क्षेत्र में ट्रैक से जुड़े कामों को आगे बढ़ाया गया है और भविष्य में इस मार्ग को और विकसित करने की योजना है। उन्होंने कहा- कोशिश यह भी की जा रही है कि आगे चलकर अहमदाबाद तक बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध हो सके। इससे पर्यटन, व्यापार और यात्रियों की आवाजाही को बड़ा लाभ मिलेगा। स्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाने की तैयारी चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन पर भी सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। सांसद ने बताया- अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन को आधुनिक स्वरूप देने का काम चल रहा है। स्टेशन परिसर में शेड, प्लेटफॉर्म सुधार, आरओ प्लांट, पाथवे और अन्य सुविधाओं का विकास किया गया है। आईआरसीटीसी के सहयोग से बेहतर कैफेटेरिया और यात्री सुविधाएं विकसित करने की योजना पर भी काम हो रहा है। उनका कहना है कि लक्ष्य चित्तौड़गढ़ स्टेशन को यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक और आकर्षक बनाना है। नई ट्रेनों के संचालन का भी प्रयास सांसद जोशी ने कहा- पिछले कुछ समय में नई ट्रेन सेवाएं शुरू होने से क्षेत्र के लोगों को फायदा मिला है। उन्होंने बताया- आगे भी नई ट्रेनों के संचालन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विशेष रूप से आसरवा की ओर चल रहे रेलवे काम पूरे होने के बाद मुंबई तक सीधी और बेहतर रेल सेवाएं शुरू कराने की कोशिश की जाएगी। उनका कहना है कि सिर्फ एक नहीं, बल्कि कई नई ट्रेनें इस क्षेत्र को बड़े शहरों से जोड़ें, इसके लिए रेलवे मंत्रालय के स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। रेलवे की इन सभी प्रोजेक्ट्स के पूरा होने के बाद चित्तौड़गढ़ प्रदेश के उन जिलों में शामिल हो सकता है जहां रेल कनेक्टिविटी में सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।