चित्तौड़गढ़ में एक 38 साल के युवक से ऑनलाइन ठगी करने के लिए उसे दो महीने तक ऑनलाइन ट्रेनिंग दी गई। इस दौरान ऑनलाइन ट्रेडिंग सीखाने के नाम 72.55 लाख रुपए की ठगी की गई। निखिल जैन (38) का है, जो मूल रूप से उदयपुर के रहने वाले हैं और वर्तमान में चित्तौड़गढ़ के पंचवटी कॉलोनी में रह रहे हैं। पीड़ित ने बताया कि यह पूरा खेल सोशल मीडिया से शुरू हुआ और धीरे-धीरे उसे एक ऐसे जाल में फंसा दिया गया, जहां से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। फेसबुक एड से शुरू हुआ पूरा खेल निखिल जैन ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि 22 जून 2024 को उन्हें फेसबुक पर “Fidelity Investments” नाम की एक कंपनी का विज्ञापन दिखाई दिया। उन्होंने जैसे ही उस लिंक पर क्लिक किया, उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया, जिसका नाम “Fidelity Investments-A009” था। इस ग्रुप में रोजाना ऑनलाइन ट्रेडिंग सिखाने की क्लास दी जाती थी। क्लास लेने वाले व्यक्ति का नाम भावतोष वाजपेई बताया गया, जो हर दिन रात 8 से 9 बजे तक ऑनलाइन सत्र लेते थे। निखिल लगभग दो महीने तक इन क्लासों में जुड़े रहे, जिससे उन्हें भरोसा हो गया कि यह कोई असली निवेश कंपनी है। एप डाउनलोड करवाकर शुरू करवाया निवेश कुछ समय बाद ग्रुप की एक महिला, जिसने अपना नाम किरण शर्मा बताया, उसने निखिल से संपर्क किया और कहा कि अगर वे कमाई करना चाहते हैं तो कंपनी के प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग शुरू करें। इसके लिए उन्हें एक लिंक भेजा गया, जिससे उनके मोबाइल में “Fidelity” नाम का एक एप इंस्टॉल हो गया। इसके बाद उन्हें बताया गया कि जितना भी पैसा वे निवेश करेंगे, उसका मुनाफा उनका होगा और कंपनी केवल 10 प्रतिशत कमीशन लेगी। इस तरह भरोसा दिलाकर उन्हें निवेश के लिए तैयार कर लिया गया। अलग-अलग खातों में पैसे जमा करवाए गए इसके बाद निखिल को कस्टमर सर्विस मैनेजर अमित सिंह नाम के व्यक्ति से संपर्क करवाया गया। अमित सिंह ने उन्हें अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करने के निर्देश दिए। निखिल ने 23 जून से 8 अगस्त 2024 के बीच कई बार में अलग-अलग खातों में कुल 72,55,000 रुपए ट्रांसफर कर दिए। ये पैसे HDFC, SBI, ICICI, Axis और अन्य बैंकों के खातों में जमा करवाए गए। शुरुआत में ऐप में उन्हें मुनाफा दिखाया जाता रहा, जिससे उनका भरोसा और बढ़ता गया। पैसे निकालने की कोशिश में सामने आया सच जब निखिल ने अपने पैसे निकालने (विड्रॉ) की कोशिश की तो उन्हें बार-बार बहाने बनाकर रोका गया। पहले कहा गया कि और 43 लाख रुपए जमा करने होंगे, तभी पैसे निकल पाएंगे। जब उन्होंने मना किया, तो फिर 20 लाख रुपए की मांग की गई। इस पर निखिल को शक हुआ कि उनके साथ ठगी हो रही है। उन्होंने बार-बार रिक्वेस्ट की, लेकिन उन्हें पैसे वापस नहीं मिले। निखिल ने अपनी पत्नी ममता जैन का बैंक खाता भी इस निवेश में इस्तेमाल किया। उनकी पत्नी के खाते से भी करीब 2 लाख 90 हजार रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए गए। बाद में जब पत्नी को पूरी बात पता चली तो उन्हें भी समझ आया कि यह एक बड़ा धोखा है। साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत, फिर भी कार्रवाई नहीं पीड़ित ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद चित्तौड़गढ़ साइबर थाने में मामला दर्ज हुआ। लेकिन पीड़ित का कहना है कि अभी तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है और ना ही उनके पैसे वापस मिले हैं। इसलिए उन्होंने अब लिखित शिकायत देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।