चित्तौड़गढ़ जिले में पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य पद के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद बुधवार को जिला कलेक्ट्री परिसर में दिनभर दावेदारों और उनके समर्थकों की आवाजाही बनी रही। हालांकि नामांकन पत्र लेने वाले अभ्यर्थियों की संख्या ज्यादा रही, लेकिन अब तक नामांकन दाखिल करने वाले उम्मीदवारों की संख्या कम है। पंचायत समिति चित्तौड़गढ़ के सदस्य पद के लिए बुधवार को वार्ड संख्या 1 से 29 तक के लिए कुल 35 दावेदारों ने नामांकन पत्र जमा किए। निर्वाचन प्रक्रिया के तहत दावेदारों को नामांकन दाखिल करने के लिए समय दिया गया था। इससे पहले 64 लोगों ने नामांकन फॉर्म लिए थे, लेकिन उनमें से अब तक 35 दावेदारों ने ही अपना नामांकन जमा किया है। जिला परिषद सदस्य पद पर 13 उम्मीदवारों ने जमा किए 14 नामांकन जिला परिषद सदस्य पद के लिए भी बुधवार को नामांकन प्रक्रिया जारी रही। जिले में 13 उम्मीदवारों ने कुल 14 नामांकन पत्र दाखिल किए। वहीं अब तक 147 लोग नामांकन फॉर्म लेकर गए हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिला परिषद चुनाव को लेकर दावेदारों की संख्या ज्यादा है, लेकिन अभी कई लोगों ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। दशहरे की छुट्टी के बाद कलेक्ट्री में बढ़ी भीड़ पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य पद के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 19 अक्टूबर से शुरू हुई थी। 20 अक्टूबर को दशहरा होने के कारण सरकारी अवकाश रहा। इसके बाद बुधवार को कलेक्ट्री परिसर में सुबह से ही लोगों की भीड़ नजर आई। नामांकन दाखिल करने वाले उम्मीदवार अपने समर्थकों के साथ कलेक्ट्री पहुंचे। कई दावेदारों ने शुभ मुहूर्त में नामांकन जमा करने को प्राथमिकता दी। इस दौरान चुनावी चर्चा भी तेज रही। कलेक्ट्री परिसर में ग्रामीण क्षेत्रों से आए कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी से चुनावी माहौल नजर आने लगा। पार्टियों में टिकट को लेकर चल रहा मंथन नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब सबसे ज्यादा नजर राजनीतिक दलों की रणनीति पर है। पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य पद के लिए कई जगहों पर एक से ज्यादा दावेदार सामने आ रहे हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व के सामने उम्मीदवार चयन की चुनौती बनी हुई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों दल स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखकर प्रत्याशी तय करने में जुटे हैं। जातीय समीकरण, पिछले चुनावों का प्रदर्शन, क्षेत्र में पकड़ और कार्यकर्ताओं की राय जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है। कई दावेदार लंबे समय से चुनाव की तैयारी कर रहे हैं, इसलिए टिकट को लेकर उनकी नजर पार्टी के फैसले पर है। आखिरी दिनों में बढ़ सकते हैं नामांकन नामांकन प्रक्रिया के शुरुआती दिनों में फॉर्म लेने और जमा करने वालों की संख्या में अंतर दिखाई दे रहा है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार पंचायत चुनाव में अक्सर शुरुआती दिनों में कम नामांकन जमा होते हैं, जबकि आखिरी दो-तीन दिनों में संख्या तेजी से बढ़ती है। कई दावेदार पार्टी से टिकट मिलने या समर्थन मिलने का इंतजार करते हैं। इसके बाद ही वे नामांकन दाखिल करते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य पद के लिए उम्मीदवारों की संख्या बढ़ सकती है। चुनावी तस्वीर नाम वापसी के बाद होगी साफ नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नामांकन पत्रों की जांच होगी और इसके बाद नाम वापसी का मौका मिलेगा। नाम वापसी के बाद ही यह साफ होगा कि चुनाव मैदान में कितने उम्मीदवार आमने-सामने हैं। इसके बाद राजनीतिक दल और प्रत्याशी प्रचार में पूरी ताकत लगाएंगे। फिलहाल चित्तौड़गढ़ में पंचायत राज चुनाव की शुरुआत के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। कलेक्ट्री में पहुंच रहे दावेदार और समर्थक इस बात का संकेत दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में चुनावी मुकाबला और तेज होने वाला है।