चूरू में मंगलवार देर रात पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तूफानी बारिश हुई और ओले गिरे। इस ओलावृष्टि से खेतों में कटी हुई ईसबगोल, चने और सरसों की फसलें खराब हो गईं। बारिश के बाद न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम ठंडा हो गया। रात करीब 12:30 बजे तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई, जिसके बाद लगभग 10 मिनट तक जोरदार ओलावृष्टि हुई। ओले गिरने की आवाज से घरों में सो रहे लोगों की नींद खुल गई। बारिश का यह दौर करीब आधे घंटे तक चला। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 35 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा रही। बुधवार सुबह 8:30 बजे तक 2.2 एमएम बारिश दर्ज की गई। मौसमी बीमारियां बढ़ने की आशंका इस अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में कटाई के बाद रखी ईसबगोल, चने और सरसों की फसलें भीगने और ओलों की मार से खराब हो गईं। बारिश और ओलावृष्टि के कारण चूरू का न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 15.7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जिससे मौसम में ठंडक घुल गई। मौसम में आए इस बदलाव से सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका है। 5 दिन तक ड्राई रहेगा मौसम मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि 8 अप्रैल को भरतपुर और जयपुर संभाग के उत्तरी भागों में हल्की बारिश की संभावना है, जबकि शेष अधिकांश भागों में मौसम शुष्क रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि 9 अप्रैल से अगले 4-5 दिनों तक अधिकांश क्षेत्रों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है। 10 अप्रैल से तापमान में 3-4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है।