चूरू के राजकीय डीबी अस्पताल में सोमवार शाम बिजली कनेक्शन का काम करते समय एक मजदूर की करंट लगने से मौत हो गई। हादसा पुरानी बिल्डिंग से नई बिल्डिंग में बिजली लाइन जोड़ने के दौरान हुआ। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा उपकरणों की कमी और अस्पताल में पैनल व अर्थिंग का काम अधूरा होने जैसे गंभीर तथ्य सामने आए हैं। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और संबंधित एजेंसी के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जबकि परिजनों को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया गया है। बिजली कनेक्शन के दौरान हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, डीडवाना निवासी ओमप्रकाश (25) राजकीय डीबी अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग से नई बिल्डिंग में बिजली कनेक्शन जोड़ने का कार्य कर रहा था। इसी दौरान रेडियोलॉजी विभाग की गैलरी में उसे तेज करंट लगा और वह सीढ़ी से नीचे गिर गया। साथी मजदूर उसे तुरंत इमरजेंसी वार्ड लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने काफी देर तक इलाज किया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। अधिकारी मौके पर पहुंचे, जांच शुरू घटना की सूचना मिलते ही मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. रमाकांत वर्मा, अस्पताल अधीक्षक डॉ. दीपक चौधरी, आरएसआरडीसी के अधिकारी और अस्पताल चौकी से एएसआई सुरेश कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया। मंगलवार को परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। सुरक्षा उपकरण नहीं होने पर उठे सवाल इमरजेंसी वार्ड में मौजूद अन्य मजदूरों का कहना है कि यदि ओमप्रकाश ने सुरक्षा ग्लव्स और सेफ्टी शूज पहन रखे होते तो संभवतः उसकी जान बच सकती थी। डिस्कॉम के एईएन अशोक ढाका ने भी बताया कि एलटी लाइन पर कार्य करते समय सुरक्षा जूते और ग्लव्स अनिवार्य होते हैं। अधूरी अर्थिंग भी बनी जांच का विषय प्रारंभिक जानकारी में यह भी सामने आया है कि अस्पताल में पैनल और अर्थिंग का कार्य पूरा नहीं हुआ था। मजदूर पुरानी बिल्डिंग से नई बिल्डिंग की लाइन जोड़ रहे थे। अधिकारियों का मानना है कि यदि अर्थिंग का कार्य पूरा होता तो हादसे की गंभीरता कम हो सकती थी। मामले की जांच जारी है। परिजनों को आर्थिक सहायता का आश्वासन मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. रमाकांत वर्मा ने बताया कि ओमप्रकाश जिस फर्म के माध्यम से कार्य कर रहा था, उसके अधिकारियों को मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पूरे मामले की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।