भास्कर संवाददाता | चूरू प्रदेश में 14 से 15 साल तक की किशोर बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर (बच्चेदानी के मुंह का कैंसर) से बचाने के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इसमें 14 से 15 वर्ष आयु की किशोर बालिकाओं को गार्डासिल 4 वैक्सीन लगाई जा रही है। इस अभियान में चूरू जिला सबसे फिसड्डी जिलों में से है। प्रदेश में 42 जिलों में चूरू 40वें स्थान पर है। यानी नीचे से तीसरे पायदान पर है। अभियान में चिकित्सा विभाग को जिले में 25023 किशोरियों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य मिला है, लेकिन अब तक सिर्फ 665 टीके ही लगे हैं। ये लक्ष्य का 5 प्रतिशत भी नहीं है। इसे लेकर सोमवार को कलेक्टर अभिषेक सुराणा ने साप्ताहिक बैठक में विभाग के अधिकारियों को निर्देश भी दिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि एचपीवी वैक्सीन कार्यक्रम में आवंटित लक्ष्य पूरे करने हैं। इसके लिए एक विशेष कार्य योजना बनाओ और लक्ष्य प्राप्त करो। बता दें कि टीकाकरण के लिए यू-विन पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य है। इसके बाद ही वैक्सीन लगाई जाएगी। ये वैक्सीन सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों, जैसे आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पतालों व सरकारी मेडिकल कॉलेजों में निशुल्क उपलब्ध है। महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर क्या होता है, ये कितना गंभीर होता है, इससे कैसे बचा जा सकता है। ये जानने के लिए दैनिक भास्कर ने आरसीएचओ डॉ. शशांक चौधरी से सीधी बात की, जो पेश है- सवाल - सर्वाइकल कैंसर क्या होता है ? जवाब - ये महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे कॉमन कैंसर है। पहला ब्रेस्ट कैंसर है। महिला की बच्चेदानी के मुंह पर कैंसर बन जाता है। सवाल - सर्वाइकल कितना गंभीर है ? जवाब - एक स्टडी के अनुसार सर्वाइकल कैंसर से हर साल देश में औसतन 60 हजार महिलाओं की मृत्यु होती है। इसलिए ये कहना गलत नहीं होगा कि ये काफी गंभीर रोग है। सवाल - इससे बचाव कैसे हो सकता है ? जवाब -समय पर टीकाकरण होने से इससे बचाव हो सकता है। गार्डासिल 4 वैक्सीन सर्वाइकल के मुख्य कारणों (एचपीवी-16 और 18) के खिलाफ 100% तक प्रभावी मानी गई है। सवाल - क्या ये टीका लगवाने के बाद कोई साइट इफैक्ट्स भी होते हैं? जवाब - ये पूरी तरह सुरक्षित है। इंजेक्शन वाली जगह पर हल्का दर्द, सूजन या मामूली बुखार हो सकता है, जो 24-48 घंटों में अपने आप ठीक हो जाता है। सवाल - टीकाकरण के लिए 14 वर्ष की आयु ही क्यों चुनी गई है? जवाब - ये वैक्सीन किशोरियों में सबसे प्रभावी होती है। वायरस के संपर्क में आने से पहले यदि ये सुरक्षा कवच मिल जाए, तो सर्वाइकल कैंसर होने की संभावना लगभग समाप्त हो जाती है। सवाल - इससे बचाव के लिए एक खुराक पर्याप्त है? जवाब - नवीनतम शोध और नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्यूनाइजेशन की सिफारिश के आधार पर 14-15 वर्ष की आयु के लिए एक ही खुराक को पर्याप्त और प्रभावी माना गया है।