सोने की रिकॉर्ड तोड़ कीमतों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोने का आयात कम करने की अपील का बीकानेर के सर्राफा बाजार पर बड़ा असर पड़ा है। सालाना करीब 15 हजार करोड़ रुपये का कारोबार करने वाले इस बाजार में सोमवार को अभूतपूर्व सुस्ती देखी गई। प्रतिदिन लगभग 40 करोड़ रुपये की बिक्री (जिसमें रोजाना 20 किलो सोना और हीरे-पोलकी का व्यापार शामिल है) करने वाले इस बाजार में नए जेवरों की बुकिंग गिरकर महज 4 करोड़ (10 प्रतिशत) पर सिमट गई है। तेलीवाड़ा, सिटी कोतवाली, केईएम रोड और बड़ा बाजार के सर्राफा शो-रूम्स में ग्राहकों की भारी कमी देखी जा रही है। सोमवार शाम साढ़े आठ बजे सोने का जीएसटी सहित रेट 1,55,955 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। इससे पहले दिन में यह रिकॉर्ड 1,56,585 रुपये तक पहुंचा और न्यूनतम 1,53,907 रुपये रहा। वहीं बीकानेर सर्राफा बाजार में सोमवार को सोना बिठुर 1,52,500 रुपये तथा जेवराती सोना 1,43,200 रुपये प्रति दस ग्राम बिका। महंगे सोने और पीएम की अपील के कारण अब केवल शादियों जैसी बेहद जरूरी खरीदारी ही बाजार में बची है। बीकानेर केवल स्थानीय बाजार नहीं, बल्कि देश-विदेश में कुंदन, मीना और पारंपरिक गढ़ाई की ज्वैलरी सप्लाई करने वाला प्रमुख हब है। यहां बंगाल और अन्य राज्यों से आए करीब 10 से 15 हजार कारीगर काम करते हैं। बाजार में मंदी के कारण इन कारीगरों के सामने काम का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। आभूषणों की मांग घटने से कई कारीगरों को पूरे दिन खाली बैठना पड़ रहा है, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है। शेयर बाजार में भी असर साफ दिखा, ज्वेलरी कंपनियों के शेयर 6 से 10% तक गिर गए, जिससे इंडस्ट्री की चिंता और बढ़ गई है। बीकानेर सर्राफा बाजार में सोमवार को सोना बिठुर 152500 तथा जेवराती 143200 रुपए प्रति दस ग्राम बिका। विदेशी मुद्रा बचाने की रणनीति, स्थानीय बाजार पर सीधा असर प्रधानमंत्री की यह अपील केवल बाजार को प्रभावित करने के लिए नहीं, बल्कि एक बड़े आर्थिक संतुलन का हिस्सा है। भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयातकों में से एक है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ता है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच आयात लागत और सप्लाई चेन प्रभावित होने की आशंका है। ज्वेलर्स विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर अगले कुछ महीनों तक यह अपील प्रभावी रहती है, तो सोने की मांग में गिरावट आएगी और कीमतों में स्थिरता या हल्की कमी भी देखने को मिल सकती है। हालांकि इसका सीधा असर छोटे कारोबारियों और कारीगरों पर पड़ेगा। बीकानेर सर्राफा बाजार का गणित “पीएम की अपील का असर से यहां के 10 हजार से ज्यादा कारीगरों और व्यापारियों पर गंभीर संकट आ सकता है। सरकार को इस सेक्टर के लिए संतुलित नीति पर भी विचार करना होगा।” -शिव कुमार सोनी, अध्यक्ष, ज्वैलर्स एसोसिएशन बीकानेर