जोधपुर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा- ईडब्ल्यूएस आरक्षण की जटिल शर्तों को समाप्त किया जाए और “राजस्थान मॉडल” को देशभर में लागू किया जाए। राठौड़ ने कहा- यह मुद्दा सामान्य वर्ग के गरीबों के अधिकारों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा- वर्ष 2019 में दिए गए 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस आरक्षण का पूरा लाभ जटिल शर्तों के कारण पात्र लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा। उन्होंने कहा कि राजस्थान में 671 जातियां ओबीसी वर्ग में शामिल हैं, जबकि केंद्र स्तर पर उन्हें सामान्य वर्ग में रखा गया है। ऐसे में उन्हें ईडब्ल्यूएस के तहत आरक्षण का प्रावधान है। ईडब्ल्यूएस आरक्षण में संशोधन और प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग को लेकर जोधपुर में सोमवार को विचार गोष्ठी एवं संगोष्ठी में उन्होंने यह कहा। कार्यक्रम में धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने प्रेस से रूबरू होते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। शर्तें जटिल होने से लाभ सीमित धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया- पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने पहले कार्यकाल में 14 प्रतिशत आरक्षण देने की पहल की थी। राठौड़ ने आरोप लगाया- मौजूदा केंद्र सरकार ने आरक्षण को 14 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया और शर्तें इतनी जटिल बना दीं कि लाभ सीमित हो गया। उन्होंने कहा- वर्ष 2020 में राजस्थान सरकार ने नियमों में शिथिलता देकर ईडब्ल्यूएस प्रक्रिया को सरल बनाया, जिससे युवाओं को लाभ मिला। उन्होंने आंकड़े देते हुए बताया- जोधपुर में राज्य स्तर पर 7700 ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र जारी हुए, जबकि केंद्र स्तर पर केवल 1646 प्रमाणपत्र बने। राठौड़ ने कहा कि देश के 8 राज्यों में ईडब्ल्यूएस की शर्तें सरल हो चुकी हैं, लेकिन केंद्र में अब भी जटिलता बनी हुई है। राजस्थान मॉडल लागू किया जाए धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने केंद्र सरकार से मांग की कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण की जटिल शर्तों को समाप्त किया जाए और “राजस्थान मॉडल” को देशभर में लागू किया जाए। इससे अधिक से अधिक जरूरतमंद युवाओं को इसका लाभ मिल सकेगा। इस मौके पर कांग्रेस नेता महेंद्र बिश्नोई, ओमकार वर्मा सहित विभिन्न समाजों के लोग उपस्थित रहे।