राजस्थान में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं के चुनाव भले ही टल गए। लेकिन, कांग्रेस ने सभी 10245 वार्डों से चुनाव लड़ने वालों को टिकट से पहले उनके लिटमस टेस्ट का खाका तैयार किया है। उनकी परफॉर्मेंस और लॉयल्टी का लिटमस टेस्ट होगा। उसके पास होने पर ही टिकट मिलेगा। सबसे अधिक तवज्जो 2 साल में पार्टी प्रदर्शनों में भागीदारी, पार्टी निर्देशों की पालना व पार्टी के प्रति समर्पण को दिया जाएगा। आगामी छह माह में कांग्रेस के विधानसभा प्रभारी व पर्यवेक्षकों के माध्यम से सभी 200 विधानसभा सीटों में स्थित 10245 वार्डों के परफॉर्मेंस बेस वाले प्रत्याशियों की लिस्ट तैयार की जाएगी। उनकी परफॉर्मेंस हर प्रदर्शन में परखी जाएगी। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने हर विधानसभा में ऐसे सक्रिय युवा, माइनॉरिटी, महिला, ओबीसी, एससी, एसटी, सामान्य वर्ग के लोगों को चिह्नित करने को कहा है, जो पार्टी के लिए समर्पित हैं। साथ ही 30 अप्रैल तक पार्टी के सभी 50 जिलों में जिलाध्यक्षों के लिए कार्यकारिणी गठन के कड़े निर्देश दिए हैं। जिलों की टीम बनने के साथ ही वार्ड स्तर पर सक्रिय नेताओं को चिन्हित करने की तैयारी शुरू होगी। निकाय चुनाव पर 2 बार लंबी मंत्रणा हुई पार्टी कार्यालय में और प्रभारी के साथ अब तक 209 निकायों के चुनावों को लेकर लंबी मंत्रणा हो चुकी है। पार्टी ने कड़ा फैसला लिया है कि इस बार गद्दारी करने वाले किसी भी कार्यकर्ता या नेता को टिकट नहीं दी जाएगी। टिकट का आधार केवल परफॉर्मेंस और लॉयल्टी रहेगा। कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय में हुई मैराथन बैठकों में पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत करने का रोडमैप तैयार किया गया। पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ काम करने वाले नेताओं को इस बार नगर निगम चुनाव में टिकट नहीं मिलेगा। जयपुर नगर निगम में भाजपा के खिलाफ नया प्लान पार्टी ने गुटबाजी खत्म कर एकजुट होकर काम करने का प्लान बनाया है। जयपुर कांग्रेस के नए जिला अध्यक्ष को भी यही प्लान दिया है। जयपुर की 150 सीटों के लिए अलग प्लान तैयार किया जा रहा है। भाजपा को हर वार्ड में सीधी टक्कर का प्लान फिक्स हो रहा है। मजबूत और सकारात्मक छवि वाले लोगों को मौका दिया जाएगा। पार्टी की तैयारी और तेवर भाजपा को एक्सपोज कर जनता के बीच जाने का रहेगा।