भास्कर न्यूज | प्रतापगढ़ आगामी चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष हेल्थ एडवायजरी जारी की है। गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ जैसे उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी, अत्यधिक ठंड और कम वायुदाब के कारण होने वाले जोखिमों को देखते हुए यात्रियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विनोद खांट ने बताया कि यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए पहले अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराना अनिवार्य है। विशेष रूप से 55 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और हृदय रोग, अस्थमा या मधुमेह से पीड़ित मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श के बाद ही यात्रा शुरू करने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि डॉक्टर यात्रा के लिए मना करें, तो रिस्क न लें। चढ़ाई के दौरान सावधानी और खान-पान के निर्देश : यात्रा के दौरान यात्रियों को धीरे-धीरे चढ़ाई करने और बीच-बीच में आराम करने की सलाह दी गई है। शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए प्रतिदिन कम से कम 2 लीटर पानी पीना जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग ने यात्रियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे सफर के दौरान शराब, धूम्रपान, कैफीन और नींद की गोलियों का सेवन न करें। इसके अलावा, यात्रियों को अपने साथ पर्याप्त गर्म कपड़े, रेनकोट और जरूरी दवाओं के साथ प्राथमिक उपचार किट रखने का सुझाव दिया गया है। ऊंचाई पर जाते समय यदि सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण महसूस हों, तो इसे नजरअंदाज किए बिना तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर रिपोर्ट करना होगा। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में समुद्र तल से ऊंचाई 2700 मीटर या उससे अधिक होने के कारण पराबैंगनी किरणों का प्रभाव भी तेज रहता है। ऐसे में गंभीर बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों के लिए यात्रा जोखिम भरी हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बीमार व्यक्तियों और गर्भवती महिलाओं को विशेष निगरानी में रहने की जरूरत है। किसी भी तरह की मेडिकल इमरजेंसी या स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए विभाग ने 104 हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, जिस पर यात्री किसी भी समय संपर्क कर सकते हैं। विभाग का लक्ष्य इन सावधानियों के जरिए चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाना है।