रबी फसल की बुवाई के सीजन में किसानों को डीएपी, यूरिया एवं एसएसपी उर्वरकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग ने निगरानी व्यवस्था सख्त कर दी है। जिले में उर्वरकों के अवैध परिवहन एवं अनियमित वितरण पर अंकुश लगाने के लिए चेक पोस्ट बनाकर कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं, शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं मिलने पर तीन उर्वरक विक्रेताओं को मौके पर ही कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) रामराज मीणा ने बताया कि जिले में उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था पर प्रभावी निगरानी के लिए ब्लॉकवार प्रभारी अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। अधिकृत उर्वरक विक्रय केंद्रों पर कृषि विभाग के कार्मिकों की तैनाती कर उनकी उपस्थिति में वितरण सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि किसानों को उनकी वास्तविक आवश्यकता के अनुसार उर्वरक मिल सके। कंट्रोल रूम बनाए सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) अशोक कुमार मीना ने बताया कि उर्वरकों के सुचारू वितरण और किसानों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इसमें विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। किसान उर्वरकों की उपलब्धता, निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने, कालाबाजारी अथवा अन्य अनियमितताओं से संबंधित शिकायत नियंत्रण कक्ष की प्रभारी अधिकारी के मोबाइल नंबर 9782210812 पर दर्ज करवा सकते हैं। बायोमेट्रिक जांच के बाद मिलेगा उर्वरक संयुक्त निदेशक ने बताया कि उर्वरक वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डीएपी एवं यूरिया का विक्रय पीओएस मशीन के माध्यम से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद ही किया जाएगा। बिना पीओएस मशीन के उर्वरक बेचने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता होने पर संबंधित विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।