डीग जिले की कुम्हेर थाना पुलिस ने फर्जी शादी का झांसा देकर लाखों रुपए और जेवरात ठगने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में मुख्य आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह महिला पहले भी कई फर्जी शादियां कर लोगों को ठगी का शिकार बना चुकी है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार पीड़ित युवक की शादी 14 दिसंबर 2025 को सोनी वर्मा नामक महिला से कराई गई थी। शादी के बाद दुल्हन चार-पांच दिन तक ससुराल में रुकी। 23 दिसंबर को दुल्हन के कथित पिता, चाचा, मौसा और मौसी उसे विदा कराने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने परिवार के सदस्यों को नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया। इसके बाद वे घर की अलमारी से तीन लाख रुपए नकद और सोने-चांदी के जेवरात लेकर फरार हो गए। पीड़ित ने कुछ आरोपियों का पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। इस पर आरोपियों ने एक लाख रुपये ऑनलाइन भेज दिए और शेष रकम व जेवर दो दिन में लौटाने का आश्वासन देकर वहां से चले गए। हालांकि, बाद में आरोपियों ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया और पीड़ित को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी भी दी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह फर्जी रिश्तेदार बनकर शादियां कराता था। गिरोह के सदस्य खुद को दुल्हन का पिता, चाचा, मौसा और मौसी बताकर लोगों का विश्वास जीतते थे और फिर शादी के बहाने ठगी की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार मुख्य आरोपी महिला पहले भी चार से पांच फर्जी शादियां कर चुकी है और उसके पहले से दो बच्चे भी हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह के खिलाफ उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी फर्जी विवाह के जरिए लोगों से रुपये ऐंठने और उन्हें झूठे मामलों में फंसाने का काम करते थे। कुम्हेर थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी सोनी वर्मा (28) निवासी वर्तमान लोनी, जिला गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में इस गिरोह से जुड़े कई और मामलों का खुलासा हो सकता है।