किसानों की ऋणमाफी के नाम पर कथित फर्जीवाड़ा कर 3 से 4 लाख रुपए का गबन करने के मामले में कामां थाना पुलिस ने करीब दो साल से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सूरजमल (44) पुत्र दाताराम, निवासी गांव कलावता, थाना कामां के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई जिले में वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। मामले के अनुसार परिवादी ने बैंक से संबंधित ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी को लेकर शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि बैंक के ऋण संबंधी डेटा में छेड़छाड़ कर किसानों की ऋणमाफी की कार्रवाई की गई। आरोप है कि संबंधित रिकॉर्ड का समुचित सत्यापन किए बिना ऋणमाफी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई, जिससे सरकारी योजनाओं और बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े रिकॉर्ड में अनियमितता हुई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान बैंक के ऋण संबंधी रिकॉर्ड, डेटा और कथित ऋणमाफी की प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की गई। पुलिस के अनुसार मामले में करीब 3 से 4 लाख रुपए की फर्जी ऋणमाफी कराकर गबन किए जाने की बात सामने आई। प्रकरण में संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच भी की गई और आरोपी सूरजमल को वांछित घोषित कर उसकी तलाश शुरू की गई थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी करीब दो साल से फरार चल रहा था। उसकी तलाश के लिए किए जा रहे प्रयासों के बाद कामां थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की गिरफ्तारी को मामले की जांच में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। कार्रवाई करने वाली टीम में कामां थानाधिकारी सुनील कुमार, एएसआई ऋषिपाल, कॉन्स्टेबल मंगल और कुलदीप शामिल रहे। पुलिस जिले में वांछित आरोपियों की तलाश और आपराधिक मामलों में कार्रवाई के लिए अभियान चला रही है।